नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। दशहरा के अवसर पर आज घरेलू शेयर बाजारों में कारोबार बंद है, लेकिन निवेशकों और खरीदारों की नजर सोने-चांदी की कीमतों पर बनी हुई है। हाल के उतार-चढ़ाव के बावजूद सोना मजबूत स्तरों पर कारोबार कर रहा है और सोने का भाव 1.47 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के ऊपर बना हुआ है। वहीं चांदी की कीमतें 2.10 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के करीब बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, ऊंची महंगाई और ब्याज दरों को लेकर जारी चर्चाओं के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बनी हुई है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोमवार को दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 618 रुपए यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,47,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी लगभग स्थिर रहकर 2,09,825 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। हालांकि भौतिक बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव 1,47,340 रुपए प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 1,35,062 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
वहीं आपको बता दें कि दशहरा के मौके पर कीमती धातुओं में निवेश करने वालों के लिए पिछले एक वर्ष का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दशहरा से अब तक सोने की कीमतों में 25 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं चांदी ने सोने से भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए करीब 45 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है। यही कारण है कि आर्थिक अनिश्चितता के दौर में निवेशकों का रुझान अभी भी कीमती धातुओं की ओर बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालांकि सोना दबाव में बना हुआ है। स्पॉट गोल्ड करीब 4,144 डॉलर प्रति औंस और स्पॉट सिल्वर 57.44 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने की चिंता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका ने सोने पर दबाव बनाए रखा है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और टेक्नोलॉजी शेयरों में सुधार के कारण निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग भी कुछ कम हुई है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर में सोना लगातार 4,100 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बना हुआ है, जो इसकी मजबूती को दर्शाता है। हालांकि बाजार अभी भी इस संभावना को मजबूत मान रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व वर्ष के अंत तक एक और ब्याज दर वृद्धि कर सकता है।
आमतौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों को कम आकर्षक बनाती हैं। इसके बावजूद वैश्विक महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग सोने और चांदी को समर्थन देती हुई दिखाई दे रही है।
