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भारतीय नौसेना के लिए अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत का निर्माण शुरू

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नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना के लिए अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत का निर्माण शुरू किया गया है। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में इस पोत की स्टील कटिंग की गई। यह पोत अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस होगा, जिससे भारतीय नौसेना की युद्धक क्षमता को और मजबूती मिलेगी।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह नेक्सट जेनरेशन का दूसरा मिसाइल पोत है। अगली पीढ़ी के इस मिसाइल पोतों को आधुनिक हथियार प्रणालियों और सेंसर से लैस किया जाना है। इनसे भारतीय नौसेना को हिंद महासागर क्षेत्र के जटिल समुद्री वातावरण में अपनी अभियान क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। ये पोत भविष्य के लिए तैयार और युद्ध के लिए सक्षम नौसेना के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इन पोतों के निर्माण का अनुबंध मार्च 2023 में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के साथ किया गया था। दूसरे पोत की स्टील कटिंग के साथ इसके निर्माण की प्रक्रिया ने एक महत्वपूर्ण चरण पार किया है। परियोजना की खास बात यह है कि इस मिसाइल पोत की भूमिका तय करने वाले सभी प्रमुख उपकरण देश में ही विकसित और निर्मित किए गए हैं। यह आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड पहल के अनुरूप है। साथ ही यह देश की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को भी दर्शाता है।

स्टील कटिंग समारोह में सहायक नियंत्रक, युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण रियर एडमिरल कपिल मेहता मुख्य अतिथि रहे। भारतीय नौसेना और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

बता दें कि बीते दिनों ही स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट पोत ‘निपुण’ भारतीय नौसैनिक बेड़े में शामिल हुआ था। इसको खास तौर पर गहरे समुद्र में गोताखोरी और पानी के नीचे होने वाले अंडर वॉटर मिशन को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया है। यह संकट में फंसी सबमरीन की भी मदद कर सकता है। दरअसल, जहां सामान्य पोत समुद्र की सतह पर काम करते हैं, वहीं ‘निपुण’ का प्रभाव समुद्र की गहराइयों तक जाता है। इसमें आधुनिक गोताखोर प्रणालियां हैं जिनसे कठिन समुद्री परिस्थितियों में भी काफी लंबे समय तक गोताखोरों को मदद मिलती है।

पानी के नीचे किसी संदिग्ध वस्तु की जांच हो या कोई और मिशन, ‘निपुण’ सभी के लिए भी तैयार है। यह आधुनिकतम पोत भारतीय नौसेना की पनडुब्बी बचाव क्षमता को भी मजबूत करेगा। समुद्री गहराई में यदि पनडुब्बी में संकट में आती है तो ‘निपुण’ बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ‘निपुण’ गोताखोरों और पानी के नीचे होने वाले बचाव अभियानों को सहायता उपलब्ध कराएगा। पोत में गोताखोरी, पानी के नीचे हस्तक्षेप और चिकित्सकीय सहायता के लिए विशेष सुविधाएं भी हैं।