कोलकाता, 1 मई (आईएएनएस)। भवानीपुर में ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के दौरे को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर विवाद गहरा गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस दौरे पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने इसे ‘ड्रामा’ करार देते हुए कई गंभीर टिप्पणियां की हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “एक उम्मीदवार के तौर पर स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा करना आपत्तिजनक नहीं है, लेकिन जिस तरह से यह किया गया, वह सवाल खड़े करता है। चार घंटे तक वहां रुकने का क्या औचित्य था और इस दौरान मुख्यमंत्री का व्यवहार सामान्य नहीं था। इस तरह की गतिविधियों से अनावश्यक संदेह पैदा होता है, जबकि चुनाव प्रक्रिया पहले से ही निर्धारित नियमों के तहत चलती है।”
मुख्यमंत्री के दौरे के समय और उनके व्यवहार को लेकर भी अधिकारी ने सवाल उठाते हुए कहा, “चुनाव के दिन ममता बनर्जी का सुबह जल्दी घर से निकलना उनके सामान्य व्यवहार से अलग है। बनर्जी कई बार सांसद और विधायक के चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन इस बार उनके व्यवहार में बदलाव साफ नजर आ रहा है। इस बदलाव के पीछे की वजह पर जनता और मीडिया को विचार करना चाहिए।”
ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंकाओं को लेकर उन्होंने कहा, “चुनाव प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है। ईवीएम में एक विशिष्ट नंबर होता है और इसके साथ वीवीपैट प्रणाली भी जुड़ी होती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। इस तरह के आरोप केवल भ्रम फैलाने के लिए लगाए जा रहे हैं।”
सुवेंदु अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया, “विपक्षी दलों के कुछ नेता आंदोलन और विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे थे, लेकिन वह पूरी तरह विफल हो गई। इससे साफ है कि जनता का समर्थन उनके साथ नहीं है। ममता बनर्जी अपनी राजनीतिक जमीन खो रही हैं और आगामी चुनाव में हार की आशंका से इस तरह के कदम उठा रही हैं।”
पुनर्मतदान के मुद्दे पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मगराहाट पश्चिम में पुनर्मतदान का फैसला सही है, लेकिन डायमंड हार्बर क्षेत्र में और अधिक बूथों पर भी ऐसा किया जाना चाहिए। केवल चार बूथों पर पुनर्मतदान पर्याप्त नहीं है और इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जाना चाहिए।”
इसके साथ ही, उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग विभिन्न प्रक्रियाओं जैसे सीसीटीवी फुटेज, ऑब्जर्वर की रिपोर्ट और पीठासीन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग का सम्मान करती है और संस्थाओं पर सवाल उठाने की राजनीति में विश्वास नहीं करती।

