पटना, 29 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर प्रदेश में हलचल तेज है। इधर, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू के मौजूदा विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर शुरू हुआ विवाद अब नेतृत्व के संज्ञान तक पहुंच गया है।
मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह द्वारा नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने और जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को समर्थन देने के ऐलान के बाद पार्टी ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखनी शुरू कर दी है। इस विवाद पर बिहार सरकार के मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने मंगलवार को कहा कि पूरा मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष को इसकी जानकारी है। अब पार्टी के बड़े नेता इस पर विचार कर जो निर्णय या निर्देश देंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
श्रवण कुमार ने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए थी, लेकिन जो कुछ हो रहा है, उसकी जानकारी पार्टी के सभी बड़े नेताओं को है। उन्होंने कहा कि जदयू लोकसभा, विधानसभा या विधान परिषद का चुनाव लड़ता है तो पार्टी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारती है। चुनाव में जनता जो जनादेश देती है, पार्टी उसका सम्मान करती है। पार्टी मतदान और मतगणना के दिन का इंतजार करेगी तथा जनता के फैसले को स्वीकार करेगी।
वहीं, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने पार्टी की चुनावी प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी आठ सीटों पर एनडीए की जीत सुनिश्चित करना पार्टी का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि कौन क्या बोल रहा है और किस उम्मीदवार को समर्थन देने की बात कर रहा है, इसकी जानकारी उन्हें है, लेकिन पार्टी की प्राथमिकता 8 सीटें जीतना है। उन्होंने कहा कि सभी आठ सीटें एनडीए की झोली में जाएं, यही पार्टी का मुख्य लक्ष्य है।
दरअसल, जदयू ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को फिर से उम्मीदवार बनाया है। नीरज कुमार इस सीट से पहले भी जीत दर्ज कर चुके हैं। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने सार्वजनिक रूप से इसका विरोध किया और जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने अनुज सिंह के लिए प्रचार करने की बात भी कही है।
इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच मतभेद को लेकर पार्टी स्तर पर बैठक हो चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की मौजूदगी में दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। इसके बाद विवाद शांत होने के संकेत मिले थे, लेकिन बाद में अनंत सिंह ने फिर नीरज कुमार के खिलाफ अपना रुख सार्वजनिक कर दिया। अब अनंत सिंह के रुख और पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर है।
हालांकि, जदयू नेतृत्व ने फिलहाल अपना फोकस सभी आठ विधान परिषद सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत पर बनाए रखने की बात कही है।
