पटना, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार भाजपा 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक प्रदेशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान चलाएगी। 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रेस वार्ता, रैलियां, राष्ट्र चिंतन संवाद, युवा संवाद, छात्र प्रतियोगिताएं और सोशल मीडिया आउटरीच समेत कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बुधवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और पदाधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और प्रदेश संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया की मौजूदगी में हुई बैठक में अभियान को सभी जिलों में प्रभावी ढंग से संचालित करने की रणनीति बनाई गई।
इसके बाद सरावगी ने जिला अध्यक्षों और जिला स्तरीय टोली के सदस्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी बैठक की। इसमें कार्यक्रमों के आयोजन, जनसंपर्क और संगठनात्मक समन्वय पर चर्चा हुई। भाजपा के अनुसार, अभियान के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता, मतदाता सूची की शुद्धता, मताधिकार की रक्षा और संवैधानिक मूल्यों जैसे मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाएगा। पार्टी विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और सीजेपी, की नीतियों पर सवाल उठाते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर अपना पक्ष रखेगी।
भाजपा का आरोप है कि विपक्ष मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाता है तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास करता है। अभियान की कार्ययोजना में ‘लोकतंत्र बचाओ-भीड़तंत्र हटाओ’ रैलियां, ‘राष्ट्र चिंतन संवाद’, ‘लोकतंत्र बनाम भीड़तंत्र: युवा संवाद’, छात्रों के लिए प्रतिस्पर्धाएं और ‘घुसपैठिया हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ विषय पर इन्फ्लुएंसर आउटरीच कार्यक्रम शामिल हैं।
इसके अलावा पत्रिका के विशेषांक, साहित्य और पुस्तिकाओं का वितरण, सोशल मीडिया के माध्यम से जनसंपर्क तथा प्रचार सामग्री के जरिए भी अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में प्रदेश महामंत्री धनराज शर्मा, सरोज रंजन पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष शीला कुशवाहा और पवन जायसवाल, विधायक संजय गुप्ता, विधान पार्षद अनामिका सिंह पटेल, प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल और सुरेश रूंगटा समेत अभियान से जुड़ी प्रदेश स्तरीय टोली के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अभियान की सफलता के लिए जिला स्तर पर समन्वित प्रयासों पर जोर दिया। पार्टी का लक्ष्य विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोकतंत्र, मतदाता सूची की शुद्धता और संवैधानिक प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रदेशभर में जनसंवाद करना है।
