पटना, 24 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के जमुई के बाद अब समस्तीपुर में नाबालिग लड़की के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने घटना को शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कानून-व्यवस्था और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा कि जमुई के बाद अब समस्तीपुर में सामने आई छेड़खानी की घटना बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे सरेआम बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहार कर रहे हैं, जो सभी के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि जब सरेआम बच्चियों के साथ ऐसी घटनाएं होने लगें तो कानून-व्यवस्था और प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने जिला पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी से बचने से मना करते हुए पुलिस के इकबाल को लेकर भी सवाल उठाया।
चिराग पासवान ने कहा कि मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन कार्रवाई यहीं नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मांग की कि घटना में संलिप्त हर व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जमुई मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह वहां आरोपी का एनकाउंटर हुआ, उसी तरह समस्तीपुर मामले के आरोपियों का भी एनकाउंटर होना चाहिए, ताकि अपराधियों में कानून का भय कायम हो।
वहीं, बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने घटना के साथ-साथ वीडियो बनाए जाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने की मंशा की जांच की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि अपराध को उसके स्वरूप और कारण के आधार पर देखना चाहिए। उनके मुताबिक, घटना के पीछे का कारण समझना जरूरी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी।
जायसवाल ने जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि अपराध करने वाला व्यक्ति घटना का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर क्यों डालेगा। उन्होंने कहा कि इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए कि वीडियो बनाने और प्रसारित करने के पीछे क्या मंशा थी और क्या इसके पीछे सरकार को बदनाम करने की कोई कोशिश या सुनियोजित साजिश है।
समस्तीपुर की सांसद शाम्भवी चौधरी ने भी कर्पूरीग्राम में हुई घटना को निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने के बाद से वह पुलिस अधीक्षक और प्रशासन के संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि वीडियो के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
सांसद ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों के सम्मान एवं सुरक्षा से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें। पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
