Monday, July 27, 2026
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भाजपा सांसदों ने पब्लिक एग्जामिनेशन बिल को बताया ऐतिहासिक, कहा-पीएम मोदी का संकल्प, पेपर लीक के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे

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नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। संसद के मॉनसून सत्र में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 को भाजपा सांसदों ने पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

भाजपा सांसद तरुण चुघ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जिन लोगों ने छह दशकों तक देश पर शासन किया, उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो कार्यकालों से प्रधानमंत्री मोदी लगातार बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए काम कर रहे हैं।

चुघ ने कहा कि सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सख्त कानून बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं और अब एक हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाना है। प्रधानमंत्री का संकल्प है कि पेपर लीक या अनियमितताओं में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल को भविष्य में पेपर लीक रोकने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने वाला कदम बताया।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष इस बिल का विरोध करने के लिए नए-नए तरीके तलाश रहा है और सदन की कार्यवाही बाधित करना चाहता है। संसद में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी चाहिए और सभी दलों को जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए सदन को सुचारू रूप से चलने देना चाहिए।

भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने भी परीक्षा सुधारों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने जैसे ऐतिहासिक विषयों के साथ-साथ आज युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा प्रणाली और शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार ने युवाओं की चिंताओं और भावनाओं को हमेशा प्राथमिकता दी है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने कहा कि संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, जिसमें परीक्षा लीक मामलों की जांच प्रक्रिया और पूरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से कदम उठाए जाने के बाद अब संसद की कार्यवाही सामान्य तरीके से चलनी चाहिए। अगर पेपर लीक का मुद्दा उठाया जा रहा है तो अन्य राज्यों में हुई ऐसी घटनाओं पर भी चर्चा होनी चाहिए।

भाजपा सांसद लहर सिंह सिरोया ने कहा कि परीक्षा में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन पेपर लीक और अनियमितताओं में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मजबूत व्यवस्था बनाने के लिए कानून के साथ-साथ समाज की जागरूकता भी जरूरी है। उनके अनुसार, केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन भी सभी की जिम्मेदारी है।

भाजपा सांसद मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर सदन में व्यवधान पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह अलग-अलग विषयों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करती रहती है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि विपक्ष कभी छात्रों के प्रदर्शन तो कभी अन्य आंदोलनों का सहारा लेकर सरकार पर हमला करता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में स्पष्ट दिशा और निर्णय क्षमता का अभाव है।