नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। हरियाणा सरकार राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों में एक वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके लिए सरकार एक नई औद्योगिक नीति तैयार कर रही है, जिससे निवेश बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस नीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ये सभी क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए तेजी से महत्वपूर्ण बनते जा रहे हैं। हरियाणा में मजबूत बुनियादी ढांचा, अच्छी कनेक्टिविटी और उद्योग के अनुकूल माहौल है, जिससे यहां बड़े स्तर पर निवेश आकर्षित किया जा सकता है।
बैठक में उद्योग और वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा को देश और दुनिया की बड़ी कंपनियों के लिए एक पसंदीदा निवेश स्थल बनाना है।
नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों को स्थापित करने और उनका विस्तार करने के लिए कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें पूंजी पर सब्सिडी, कर में छूट, कौशल विकास में सहयोग और व्यापार को आसान बनाने के उपाय शामिल होंगे।
बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि सरकार भविष्य के उत्पादों और क्षेत्रों की पहचान करे और कुछ कंपनियों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने में मदद दे। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी फायदा मिलेगा। इसके साथ ही, स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान और विकास पर जोर देने और उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
निर्यात से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने के लिए उद्योग प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि विदेशों में वैश्विक भंडारण केंद्र बनाए जाएं, ताकि कंपनियों को अपने उत्पाद सुरक्षित रखने और समय पर आपूर्ति करने में आसानी हो। इसके साथ ही, कई कंपनियों ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को अपनाने में रुचि दिखाई, जिससे उद्योग की जरूरत के अनुसार कुशल कामगार तैयार किए जा सकें।
बैठक में माइक्रोसॉफ्ट के संदीप अरोड़ा ने स्कूलों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और अन्य शिक्षण संस्थाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उनका कहना था कि छात्रों को शुरुआत से ही नई तकनीकों की जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। इस पहल के तहत छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
सरकार ने भी साफ किया कि वह अनुसंधान और विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत सहायता और प्रोत्साहन देगी। इसके साथ ही, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग और कॉमिक्स से जुड़े क्षेत्र के लिए एक विशेष नीति तैयार की जा रही है, जिससे इस तेजी से बढ़ते उद्योग को आगे बढ़ने का मौका मिल सके।
बैठक के दौरान फिक्की के एवीजीसी-एक्सआर फोरम के अध्यक्ष आशीष कुलकर्णी और अन्य विशेषज्ञों ने ई-स्पोर्ट्स क्षेत्र को मजबूत करने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि इससे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की प्रतिस्पर्धा क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने इस क्षेत्र में नवाचार, स्टार्टअप और प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेटर और उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की भी सिफारिश की।

