पीयूष गोयल ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भारी मतदान का श्रेय एसआईआर को दिया

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मुंबई, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव और पश्चिम बंगाल में चुनावों के पहले चरण में मतदाताओं की भारी भागीदारी का कारण, भारतीय चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों का ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) किया जाना है।

दोनों राज्यों में वोटिंग प्रतिशत की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आंकड़ों को देखें तो तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अभूतपूर्व वोटिंग हुई है।”

गोयल, जो तमिलनाडु के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी भी हैं, ने कहा, “दोपहर 1:30 बजे तक, तमिलनाडु में इस विधानसभा चुनाव में पिछली बार के मुकाबले वोटिंग में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मुझे तमिलनाडु में एक जिम्मेदारी दी गई थी और आज की वोटिंग को देखते हुए, मैं नतीजों से संतुष्ट हूं।”

वोटरों की संख्या में बढ़ोतरी का श्रेय एसआईआर प्रक्रिया को देते हुए उन्होंने कहा, “हालांकि हमने देखा है कि विधानसभा चुनावों में आमतौर पर वोटिंग कम होती है, लेकिन यह वोटिंग प्रतिशत एसआईआर के जरिए फर्जी और मृत वोटरों को हटाने और टेक्नोलॉजी के जरिए वोटर लिस्ट में किए गए सुधारों को दिखाता है।”

इस बात पर जोर देते हुए कि यह वजह पश्चिम बंगाल में खास तौर पर अहम है, उन्होंने कहा, “खासकर बंगाल में, एक ईमानदार प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से लागू करके उन फर्जी वोटरों को हटा दिया गया है, जो भारतीय नागरिक भी नहीं थे।”

उन्होंने आगे कहा, “इससे नागरिकों को अपनी आवाज़ उठाने की प्रेरणा मिलेगी। इस बार चुनावों में उनके वोटों का महत्व दिखाई देगा।”

बंगाल में अवैध घुसपैठियों को हटाने के भाजपा के चुनावी वादे को दोहराते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब तक फ़र्ज़ी वोटरों और अवैध घुसपैठियों को वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है और आगे उन्हें देश से भी निकाल दिया जाएगा। उन्होंने बताया, “हम इसी वादे के साथ चुनाव में उतरे हैं।”

आत्मविश्वास दिखाते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में पूरी तरह से जीत हासिल करेगा।

गौरतलब है कि गुरुवार शाम 5 बजे तक पश्चिम बंगाल में वोटिंग प्रतिशत 89.93 दर्ज किया गया, जो 2011 के बाद से पिछले 15 सालों में राज्य में सबसे ज्यादा है। 2011 वह साल था जब राज्य में पिछले 34 साल पुरानी वाम मोर्चा सरकार का अंत हुआ था और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार की शुरुआत हुई थी।

वहीं तमिलनाडु में, शाम 5 बजे तक वोटिंग प्रतिशत 82.24 प्रतिशत रहा, जो 2021 के चुनावों में दर्ज 74 प्रतिशत से बेहतर है।