कोर को एक्टिवेट कर नर्वस सिस्टम को आराम देता है पश्चिमोत्तानासन, ऐसे करें अभ्यास

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नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। विश्व योग दिवस को अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय रोजाना नए-नए योगसन के बारे में जानकारी देते हुए उनके अभ्यास से मिलने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी दे रहा है। इस क्रम में मंत्रालय ने पश्चिमोत्तानासन पर विशेष जानकारी दी।

एक्सपर्ट का मानना है कि पश्चिमोत्तानासन एक ऐसा आसन है, जिसके अभ्यास से कोर एक्टिवेट होते हैं और नर्वस सिस्टम को आराम भी मिलता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार पश्चिमोत्तानासन कोर मसल्स को एक्टिवेट करने के साथ-साथ नर्वस सिस्टम को गहरी शांति प्रदान करता है। यह एक आसान लेकिन प्रभावशाली आगे की ओर झुकने वाला आसन है। इसमें व्यक्ति सीधे बैठकर पैरों की ओर झुकता है।

आयुष मंत्रालय के मुताबिक, नियमित अभ्यास से शरीर का अंदरूनी बैलेंस बना रहता है, मन शांत होता है और व्यक्ति हल्का- महसूस करता है। इस आसन के अभ्यास से कई लाभ मिलते हैं।

कोर एक्टिवेशन:- पेट और कमर के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

नर्वस सिस्टम को आराम:- सांस पर ध्यान केंद्रित करने से तनाव कम होता है और पूरा नर्वस सिस्टम रिलैक्स होता है।

पाचन तंत्र में सुधार: -पेट फूलना, कब्ज, भूख न लगना और पाचन संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है।

साइटिका और पीठ दर्द: -कमर और टांगों के पिछले हिस्से को खींचने से साइटिका के दर्द में कमी आती है।

मानसिक शांति:- नियमित अभ्यास से चिंता और तनाव घटता है व एकाग्रता बढ़ती है।

पश्चिमोत्तानासन अभ्यास के लिए सबसे पहले मैट पर सीधे बैठ जाएं। दोनों पैर आगे की ओर सीधे फैलाएं। एड़ियां और अंगूठे एक साथ हों। कमर सीधी रखते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और सांस भरें। सांस छोड़ते हुए कमर से आगे की ओर झुकें। हाथों से पैरों के अंगूठे, तलवे या एड़ियों को पकड़ने की कोशिश करें। माथा घुटनों से लगाने की कोशिश करें। गहरी और धीमी सांस लेते हुए 20 से 40 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें। इसके बाद सांस भरते हुए सामान्य स्थिति में वापस आएं।

पश्चिमोत्तानासन अभ्यास के दौरान कुछ सावधानियां भी बरतनी चाहिए। अगर पीठ, कमर या घुटनों की गंभीर समस्या हो तो योग प्रशिक्षक की सलाह से ही अभ्यास करें। गर्भवती महिलाएं बिना विशेषज्ञ मार्गदर्शन के यह आसन न करें।