Monday, August 24, 2026
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कोर्ट ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन सिद्दीकी को 3 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा

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नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। साकेत कोर्ट ने शनिवार को हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी के निदेशक जवाद अहमद सिद्दीकी को 3 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने जवाद अहमद सिद्दीकी की 3 दिन की रिमांड मांगी थी। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। इससे पहले जवाद मनी लॉन्ड्रिंग केस में न्यायिक हिरासत में था।

इससे पहले मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार जवाद अहमद सिद्दीकी की जमानत याचिका को साकेत कोर्ट ने 2 बार खारिज कर दिया था।

सिद्दीकी की पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद 1 मई को उसे कोर्ट में एएसजे शीतल चौधरी प्रधान के सामने पेश किया गया था। जांच एजेंसी की तरफ से कहा गया कि अभी जवाद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ जांच चल रही है और सबूत एकत्रित करने के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा जाए, जिसके बाद कोर्ट ने हिरासत में भेज दिया था। जवाद को प्रवर्तन निदेशालय ने 24 मार्च को तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था। यह उसके खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग का दूसरा मामला है।

यह कार्रवाई अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उनसे संबद्ध संस्थाओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई है। अल फलाह ग्रुप की जांच 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके से जुड़े मामले में भी चल रही है।

ईडी के अनुसार, एजेंसी पहले ही 17 जनवरी को जवाद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी थी। अब तक की जांच में सामने आया है कि जमीन को धोखाधड़ी से हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।

ईडी का आरोप है कि सिद्दीकी ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी कागज तैयार करवाए और उनके जरिए दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के मदनपुर खादर गांव में स्थित खसरा नंबर 792 की जमीन को अवैध तरीके से अपने नाम कराया। यह जमीन करीब 1.146 एकड़ है और इसकी मौजूदा कीमत लगभग 45 करोड़ रुपए बताई जा रही है। ईडी ने यह भी कहा कि दस्तावेजों में जमीन की कीमत 75 लाख रुपए दिखाई गई, जबकि असली लेन-देन इससे कहीं ज्यादा होने की आशंका है। जांच एजेंसियां अब पूरे पैसों के लेन-देन का पता लगाने और इस मामले में शामिल अन्य लोगों व संपत्तियों की पहचान करने में जुटी हैं।