नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश के दक्षिणी हिस्सों में इन दिनों मानसून की गतिविधियां जारी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश में भी अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
आईएमडी के वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां प्रमुख रूप से देखने को मिल रही हैं। तमिलनाडु में बीते दिन भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई थी। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक राज्य के कुछ हिस्सों में इसी तरह की स्थिति बनी रह सकती है। इसके मद्देनजर संबंधित क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
वहीं, प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखें। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। साथ ही, स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
दूसरी ओर, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में फिलहाल मौसम साफ रहने का अनुमान है। अखिल श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ दिन पहले आए पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई थी। वहीं, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित मैदानी इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश दर्ज की गई थी।
उन्होंने बताया कि फिलहाल उत्तर भारत में किसी बड़ी मौसमी गतिविधि की संभावना नहीं है और अगले एक सप्ताह तक मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। हालांकि, सप्ताह के पांचवें, छठे और सातवें दिन एक नया पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ी क्षेत्रों और उनके आसपास के इलाकों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके कारण संबंधित क्षेत्रों में बारिश सहित अन्य मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
