Saturday, June 20, 2026
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दलितों-आदिवासियों के नाम पर मध्य प्रदेश में डेयरी घोटाला : उमंग सिंघार

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भोपाल 20 जून (आईएएनएस) मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य में डेयरी घोटाला होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि दलितों के नाम पर सब्सिडी का लाभ दबंगों ने उठाया है । नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया पर सरकार पर आरोप लगाया है कि दलित आदिवासियों के नाम पर राज्य में डेयरी घोटाला हुआ है।

उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री डेयरी योजना में दो भैंसों की एक यूनिट पर अनुसूचित जाति और जनजाति हितग्राहियों को करीब 2.23 लाख की सब्सिडी मिलती है, जबकि सामान्य वर्ग को सिर्फ 1.49 लाख। यानी प्रति यूनिट लगभग 74 हजार की अतिरिक्त सब्सिडी।अब खुलासा हुआ है कि कई मामलों में दलित-आदिवासियों के नाम पर सब्सिडी उठाई गई, लेकिन भैंसें उनके घरों में नहीं, दबंगों लोगों के यहां मिलीं।

नेता प्रतिपक्ष उमेश सिंघार का आरोप है कि लाभार्थी कहीं मजदूरी कर रहा है और उसे अपनी डेयरी की कमाई तक का नहीं पता, कहीं घर में पशु रखने की व्यवस्था तक नहीं है, कहीं पत्नी को यह तक नहीं मालूम कि उसके पति के नाम पर भैंस खरीदी गई, और कहीं सूची में ऐसे नाम दर्ज हैं जो गाँव में रहते ही नहीं। यह सब हो रहा है प्रदेश के पशुपालन मंत्री लखन पटेल के क्षेत्र में।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह कोई साधारण गड़बड़ी नहीं है। यह दलितों और आदिवासियों के अधिकारों पर सुनियोजित लूट है। राज्य में गरीब सिर्फ दस्तावेजों में मालिक है और असली फायदा रसूखदार उठा रहे हैं। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि भैंसें कहां गईं। सवाल यह है कि दलित-आदिवासियों के नाम पर करोड़ों की सब्सिडी लूटने वालों को संरक्षण कौन दे रहा था।