नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लंबे समय से फरार चल रहे एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रवि मलिक उर्फ भूरा (43) के रूप में हुई है, जो काला जठेड़ी और संपत नेहरा गैंग का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है। वह हत्या के प्रयास और सशस्त्र लूट के मामले में वांछित था और पिछले 8 वर्षों से फरार चल रहा था।
द्वारका (सेक्टर-9) क्राइम ब्रांच को 22 अप्रैल को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी रोहिणी के लांसर कॉन्वेंट स्कूल के पास आने वाला है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
रवि मलिक पहले इस मामले में गिरफ्तार हुआ था, लेकिन जमानत मिलने के बाद कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसके बाद 1 मई 2018 को रोहिणी कोर्ट ने उसे अपराधी घोषित कर दिया था।
आरोपी मूल रूप से अलीपुर का रहने वाला है और 12वीं तक पढ़ाई की है। शुरुआती दौर में वह बिल्डिंग मटेरियल का काम करता था, लेकिन 2006 में जमीन विवाद के दौरान फायरिंग की घटना के बाद उसकी जिंदगी अपराध की ओर मुड़ गई। जेल में उसकी मुलाकात कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी से हुई, जिसके बाद वह गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया।
पुलिस के मुताबिक, 2009 से 2011 के बीच उसने हत्या, लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई अपराध किए। यहां तक कि 2011 में जेल के अंदर भी एक हत्या में उसकी संलिप्तता सामने आई थी।
आरोपी पर पहले दिल्ली पुलिस द्वारा 50 हजार और बाद में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा 1 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।
2017 में पैरोल पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया और दोबारा अपराधों में सक्रिय हो गया। 2020 में मेरठ में एक हत्या की वारदात में भी उसका नाम सामने आया। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ में उसे छह गोलियां लगीं, लेकिन वह बच गया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी दिल्ली से देहरादून चला गया था और वहीं से आपराधिक गतिविधियां जारी रखे हुए था। हाल ही में दिल्ली आने की सूचना पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदोरा ने कहा कि यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस की सतर्कता और लगातार निगरानी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कोई भी फरार अपराधी कानून से ज्यादा दिन तक नहीं बच सकता।

