भोपाल, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ‘सनातन यात्रा’ पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह अपनी इस यात्रा के जरिए सनातन धर्म को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने राजनीतिक जुलूस में छोटी बच्चियों से नारे लगवाने को उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है।
मंत्री सारंग ने इस मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा लिए गए संज्ञान का समर्थन किया और इस मुद्दे पर कांग्रेस की चुप्पी की भी आलोचना की।
आईएएनएस से बात करते हुए विश्वास सारंग ने कहा, “निश्चित रूप से इस तरह का कृत्य नहीं होना चाहिए। राजनीतिक कार्यक्रम में बच्चियों को बुलाना, उन पर दबाव बनाकर उन्हें कार्यक्रम में शामिल करना और उनसे नारे लगवाना, यह निश्चित रूप से मानवाधिकारों का हनन है।”
उन्होंने कहा, “नवरात्रि में हम शक्ति की पूजा करते हैं और दशहरे के अवसर पर शक्ति की उपासना करते हुए रावण रूपी बुराई को जलाने का संकल्प लेते हैं। पूरे हिंदुस्तान में जो भी सनातन को मानता है, वह कन्या पूजन करता है, लेकिन यहां कन्याओं पर राजनीतिक नारे लगाने का दबाव बनाया जा रहा है, जो गलत है।”
विश्वास सारंग ने आगे कहा, “मैं पहले से ही कहता आ रहा हूं कि दिग्विजय सिंह सनातन को बदनाम करने के लिए यह यात्रा कर रहे हैं। अपनी राजनीतिक चमक के लिए इस तरह की यात्रा करने की कोई जरूरत नहीं है। सनातन को बदनाम नहीं करना चाहिए।”
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सनातन यात्रा के दौरान बच्चों को शामिल करने और उनसे राजनीतिक नारे लगवाने का एक वीडियो सामने आया था, जिसके बाद यह मामला गरमा गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वतः संज्ञान लिया है।
आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। आयोग का कहना है कि राजनीतिक गतिविधियों में बच्चों का इस्तेमाल करना बाल अधिकारों का उल्लंघन है।
