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दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने की सोच पीएम मोदी की बड़ी देन: पद्मश्री कनुभाई टेलर

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सूरत, 17 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी कनुभाई हसमुखभाई टेलर ने दिव्यांग कल्याण और पुनर्वास के क्षेत्र में हुए बदलावों को लेकर अपने विचार साझा किए। 72 वर्षीय कनुभाई टेलर ने प्रधानमंत्री मोदी की लंबी उम्र की कामना करते हुए उन्हें ‘कृष्ण अवतार’ बताया।

उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में दिव्यांगजनों को लेकर सरकार और समाज की सोच में बड़ा बदलाव आया है और अब उन्हें केवल सहायता का पात्र मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कनुभाई टेलर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले दिव्यांगों के लिए सरकारी और सामाजिक सहायता का बड़ा हिस्सा भोजन या आर्थिक मदद तक सीमित था। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दृष्टिकोण को बदलकर दिव्यांगों को हुनर और रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।

कनुभाई हसमुखभाई ने कहा कि सोच यह होनी चाहिए कि दिव्यांग व्यक्ति को केवल ‘रोटला’ न दिया जाए, बल्कि उसे रोटी या भाखरी बनाना सिखाया जाए, ताकि वह स्वयं कमाकर अपना और अपने परिवार का सहारा बन सके। इस सोच से दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास बढ़ा है और समाज में उनके प्रति सम्मान भी मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा कि पहले कई परिवारों में दिव्यांग बच्चे को लाचार या परिवार पर बोझ समझा जाता था। आज नौकरी या स्वरोजगार के जरिए कमाने वाले दिव्यांग अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने इसे दिव्यांगजनों के आत्मसम्मान में आए बदलाव का उदाहरण बताया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर भरूच में दिव्यांगों के लिए ओल्ड एज होम का निर्माण अंतिम चरण में है और करीब पांच प्रतिशत काम बाकी है। इस परियोजना में अब तक लगभग 28 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस ओल्ड एज होम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हो। इसका शिलान्यास प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया था। उनका उद्देश्य ऐसा केंद्र तैयार करना है, जहां दिव्यांग बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। भारत सरकार की ओर से ऐसे दिव्यांग बुजुर्गों की सहायता के लिए कार्यक्रम किए जा रहे हैं, जिन्हें पर्याप्त भोजन और देखभाल नहीं मिल पाती। करीब 200 दिव्यांगों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की योजना है।

कनुभाई टेलर ने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर उनकी संस्था की ओर से 76 दिव्यांगों को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाएगी। उनकी स्कूल में बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की जाती है और जन्मदिवस के अवसर पर कई सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दिव्यांगों को फुटपाथ पर भीख मांगने या रेलवे स्टेशन पर रहने की स्थिति से निकालकर सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीने का अवसर मिलना चाहिए।

कनुभाई ने प्रधानमंत्री की नीतियों को इसी दिशा में प्रयास के रूप में बताया। प्रधानमंत्री के प्रति अपनी व्यक्तिगत भावनाएं व्यक्त करते हुए कनुभाई टेलर ने कहा कि उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन अपने 72 वर्ष के जीवन में उन्होंने नरेंद्र मोदी जैसा समर्पित व्यक्ति नहीं देखा। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि प्रधानमंत्री दीर्घायु हों और लंबे समय तक देश की सेवा करें।

कनुभाई ने कहा कि दिव्यांगों के प्रति सम्मान और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने वाली सोच को आगे बढ़ाना समाज की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री के गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक के लंबे सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि दिव्यांग कल्याण के क्षेत्र में नीतिगत सोच में आया बदलाव उनके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। दिव्यांग व्यक्ति को दया का पात्र नहीं, बल्कि समाज का सक्षम और सम्मानित हिस्सा बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहने चाहिए।

–आईएएनएस

पीएसके/वीसी