पुणे, 16 अगस्त (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े कथित मास्टरमाइंड वीरेंद्र बसोया की गिरफ्तारी के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने उससे गहन पूछताछ शुरू कर दी है। संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए बसोया को रविवार को पुणे की एक अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे 21 अगस्त तक एनसीबी की हिरासत में भेज दिया।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत में पेश किए गए बसोया के बारे में एनसीबी ने दावा किया कि उसका नाम ड्रग्स तस्करी से जुड़े कई मामलों में सामने आया है। एजेंसी का मानना है कि वह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का अहम हिस्सा रहा है और विदेश में बैठकर इस पूरे सिंडिकेट की गतिविधियों का संचालन करता था।
जांच एजेंसी के अनुसार, पुणे और दिल्ली में की गई अलग-अलग कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में मेफेड्रोन बरामद किया गया था। जांच में पुणे से करीब 867 किलोग्राम और दिल्ली से 970 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त की गई, जिसकी कुल मात्रा लगभग 1,837 किलोग्राम बताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की कड़ियां बसोया से जुड़ती हैं।
एनसीबी का आरोप है कि बसोया विदेश से नेटवर्क को निर्देश देता था और भारत से दूसरे देशों तक ड्रग्स की खेप पहुंचाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। एजेंसी अब उससे नेटवर्क के अन्य सदस्यों, वित्तीय लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है।
वीरेंद्र बसोया का नाम पहली बार वर्ष 2024 में पुणे में 500 ग्राम मेफेड्रोन की बरामदगी के मामले में सामने आया था। शुरुआती जांच के बाद जब पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं तो एनसीबी की मुंबई इकाई ने जांच अपने हाथ में ले ली। एजेंसी ने आगे की जांच में बसोया को कथित तौर पर पूरे ड्रग सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया।
एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (ऑपरेशंस) नीरज गुप्ता के मुताबिक, वर्ष 2024 में पुणे पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के अगले ही दिन बसोया भारत छोड़कर दुबई चला गया था। बाद में उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए नवंबर 2025 में इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बसोया को यूएई से भारत लाए जाने को सरकार की ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि संगठित ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए एजेंसियां समन्वित तरीके से काम कर रही हैं।
अब एनसीबी हिरासत मिलने के बाद एजेंसी को उम्मीद है कि बसोया से पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं, जिससे इस पूरे रैकेट के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

