नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। द्वारका जिला पुलिस की एंटी-जेल बेल और भगोड़ा अपराधी सेल ने महिला के खिलाफ क्रूरता के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे घोषित अपराधी (पीओ) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
आरोपी की पहचान अनिल कुमार के रूप में हुई जो हरियाणा के झज्जर जिले के कालियावास गांव का निवासी है। उसे 10 जुलाई को डबरी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के संबंध में भगोड़ा घोषित किया गया था।
उसे घोषित अपराधी घोषित करने का आदेश दिल्ली के द्वारका कोर्ट, दक्षिण-पश्चिम जिले की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (महिला न्यायालय) सुभी गुप्ता द्वारा पारित किया गया था।
पुलिस के अनुसार, द्वारका के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह के निर्देश पर घोषित अपराधियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर हरीश कुमार कर रहे थे और इसमें हेड कांस्टेबल राहुल यादव और कुलवंत शामिल थे। यह अभियान एसीपी (ऑपरेशन) सुभाष मलिक की देखरेख में चलाया गया।
पुलिस ने बताया कि 23 अगस्त को टीम को विशिष्ट सूचना मिली थी कि अनिल कुमार, जो मुकदमे से बच रहा था, झज्जर के बिरोहर गांव और उसके आसपास मौजूद था। सूचना मिलने पर टीम गांव पहुंची और जाल बिछाया। पुलिस ने बताया कि इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि कुमार के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।
इसी बीच, 29 अगस्त को दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने एक अनसुलझे हत्या मामले को सुलझाने का दावा किया था, जिसमें एक 64 वर्षीय व्यक्ति और उसके सहयोगी को एक 38 वर्षीय व्यक्ति की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था, जो आरोपियों में से एक का बेटा था।
आरोपियों की पहचान 64 वर्षीय तालुकदार अंसारी और 49 वर्षीय मोहम्मद वसीम उर्फ अकरम के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित गुल हसन को डॉक्टर के पास ले जाने के बहाने एक सुनसान कंटेनर में ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई।
