Thursday, July 16, 2026
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द्वारका पुलिस ने दो शराब तस्करों को किया गिरफ्तार, काफी समय से चल रहे थे फरार

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नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के द्वारका जिले में पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर दो हाई-प्रोफाइल आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये कार्रवाई घोषित अपराधियों और अंतर्राज्यीय शराब तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।

पुलिस के अनुसार, दोनों गिरफ्तारियां अलग-अलग अभियानों में की गईं। पहली गिरफ्तारी उत्तम नगर के मोहन गार्डन निवासी 35 वर्षीय रिजवान पुत्र इरफान की हुई। वह परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दर्ज मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। 13 जनवरी को द्वारका कोर्ट ने केस नंबर 17222/2021 में उसे भगोड़ा अपराधी घोषित किया था।

डीसीपी के निर्देश पर घोषित अपराधियों की धरपकड़ के लिए गठित विशेष टीम ने 21 फरवरी 2026 को सेक्टर-10 क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर हरीश कुमार कर रहे थे और यह कार्रवाई एसीपी (ऑपरेशन) की निगरानी में की गई।

पुलिस ने आरोपी को बीएनएसएस की धारा 35(1)(डी) के तहत गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, रिजवान का पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं था।

दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने अंतरराज्यीय अवैध शराब आपूर्तिकर्ता प्रशांत (29) पुत्र राम बाबू को गिरफ्तार किया। स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली थी कि वह सेक्टर-10 स्थित परिवहन प्राधिकरण के पास अवैध शराब की खेप लेकर पहुंचने वाला है। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा किए जाने पर उसने गाड़ी भगाने की कोशिश की, लेकिन पीछा कर उसे पकड़ लिया गया। तलाशी में उसकी महिंद्रा एक्सयूवी 500 कार से 40 कार्टन यानी 2000 क्वार्टर अवैध शराब बरामद हुई।

पुलिस के अनुसार, वह दिल्ली और हरियाणा में तस्करी के लिए लग्जरी एसयूवी का इस्तेमाल करता था। उस पर पहले भी दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो मामले दर्ज हैं।

द्वारका पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों ऑपरेशन घोषित अपराधियों और अंतर्राज्यीय अवैध शराब आपूर्तिकर्ताओं को निशाना बनाने वाले चल रहे विशेष अभियानों का हिस्सा थे।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, “आगे की जांच जारी है,” जो आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि तकनीकी खुफिया सूचना और जमीनी निगरानी के समन्वय से ये सफलताएं मिलीं। आगे की जांच जारी है।