बेंगलुरु, 4 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बेंगलुरु स्थित जोनल ऑफिस ने 2 जून को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत करुटुरी वेंकटेश्वर राव को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी दीपक केबल्स (इंडिया) लिमिटेड और अन्य से जुड़े मामले की जांच के हिस्से के तौर पर की गई है, जिसमें एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह के साथ धोखाधड़ी का आरोप है।
ईसी ने सीबीआई द्वारा दीपक केबल्स इंडिया लिमिटेड (डीसीआईएल) और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर, के वेंकटेश्वर राव और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। इन पर आरोप है कि इन्होंने एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह के साथ कथित तौर पर 899.35 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। इन्होंने बड़े पैमाने पर क्रेडिट सुविधाएं हासिल कीं और फिर उन लोन फंड्स को दूसरी जगह भेज दिया।
कंपनी पर यह भी आरोप है कि उसने बैंक लोन हासिल करने और उन्हें जारी रखने के लिए झूठे फाइनेंशियल स्टेटमेंट जमा किए और खातों की किताबों में हेरफेर किया।
ईडी की जांच में पता चला कि आरोपी ने फर्जी बिक्री और खरीद, सर्कुलर ट्रेडिंग और नकली कॉर्पोरेट गारंटी जारी करने के लिए कई संस्थाओं का इस्तेमाल किया। इन लेन-देन का इस्तेमाल टर्नओवर को कृत्रिम रूप से बढ़ाने, बैंकों से ड्राइंग पावर बढ़ाने, मौजूदा लोन को ‘एवरग्रीन’ रखने और ‘अपराध से अर्जित धन’ को संबंधित कंपनियों और निजी खातों के जरिए दूसरी जगह भेजने के लिए किया गया, जिससे उनके अवैध स्रोत को छिपाया जा सके। जांच में यह भी पता चला कि लोन फंड्स की एक बड़ी रकम के वेंकटेश्वर राव के नियंत्रण वाली संबंधित संस्थाओं को बिना किसी व्यावसायिक औचित्य या स्पष्ट उद्देश्य के भेज दी गई थी।
इन सभी सबूतों के आधार पर करुटुरी वेंकटेश्वर राव दोषी साबित हुए, जिन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग, ‘अपराध से अर्जित धन’ (पीओसी) और अपने द्वारा संचालित या उनसे जुड़ी संस्थाओं के विभिन्न बैंक खातों का उपयोग करके इन फंड्स की ‘लेयरिंग’ और ‘इंटीग्रेशन’ किया। इसी के आधार पर करुटुरी वेंकटेश्वर राव को गिरफ्तार किया गया और बेंगलुरु की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया।
इसके संबंध में अदालत ने करुटुरी वेंकटेश्वर राव को 10 दिनों की हिरासत में ईडी को सौंपने का आदेश दिया। इससे पहले ईडी द्वारा इस मामले में तलाशी अभियान चलाए गए थे, जिसमें 1.27 करोड़ रुपए के सोने के आभूषण और नकदी जब्त की गई थी और 18 करोड़ रुपए की शेष राशि वाले बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया था। वहीं, आगे की जांच जारी है।

