हरदोई, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद एग्जिट पोल के सर्वे सामने आ गए हैं। एग्जिट पोल में भाजपा की सरकार बनाने के दावे पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं कर सकते हैं। पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता दीदी को चौथी बार सीएम बनाने के लिए ऐतिहासिक वोट दिया है।
हरदोई में अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान भी एग्जिट पोल्स में भाजपा के लोग अयोध्या से कह रहे थे कि इस बार 400 सीटों का आंकड़ा पार कर लेंगे, लेकिन वह अयोध्या सीट भी नहीं बचा पाए। इससे पता चलता है कि एग्जिट पोल्स पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता। हालांकि, सच यह है कि बंगाल चुनाव में पुलिस के इस्तेमाल के जरिए बड़े पैमाने पर धांधली की गई है, ऐसे आरोप लगे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी पुलिस बल की तैनाती कर उपचुनाव जीतने का काम किया गया। यह भी सुनने में आया था कि पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर एक समानांतर पुलिस प्रशासन लागू किया गया था। इसके बावजूद जनता ने दीदी को ऐतिहासिक वोट दिया है। एक-दो जगह पर भाजपा चुनाव जीत जाए, बाकी सभी जगहों पर हार होगी।
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलों पर अखिलेश यादव ने कहा कि मेरा मानना है कि पीडीए के लोग भारतीय जनता पार्टी की सरकार के खिलाफ पूरी तरह तैयार हैं। पीडीए के लोग वहां खुद को बहुत प्रभावित, दुखी और अपमानित महसूस कर रहे हैं और गोंडा के पूर्व सांसद जो पहले भी हमारे साथ रह चुके हैं, उनके संबंध में राजनीतिक स्थिति किस तरह की बनेगी और राजनीति किस दिशा में जाएगी, यह बात वही बेहतर बता सकते हैं।
वहीं, हरदोई में अखिलेश यादव ने शिल्पी कुशवाहा के परिवार वालों से मुलाकात की।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि ‘हरदोई की बेटी’ के साथ हुए अन्याय के बारे में सोचकर जितना दुख होता था, उसके पीड़ित परिवार और परिजनों से मिलकर उससे भी अधिक हुआ। सवाल यह है कि गरीब कब तक नाइंसाफी का शिकार होता रहेगा। वर्चस्ववादियों की सत्ता क्या सिर्फ कमजोर पर प्रहार या अत्याचार करने के लिए बनी है? हमारा मानना है कि सकारात्मक शक्ति वही है जिसमें किसी के रक्षण-पोषण का भाव हो, किसी के उत्पीड़न-शोषण का नहीं। संविधान की शक्ति और पीडीए की सक्रिय एकता में हम सबकी रक्षा करने की अपार शक्ति है। पीडीए अब और भी जुड़ेगा, अपनी लड़ाई खुद लड़ेगा और जीतेगा भी। ‘सामाजिक न्याय का राज’ जब आएगा तब ही यह अत्याचार-अन्याय मिट पाएगा।

