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फीफा अंडर-15 वर्ल्ड कप: भारत ने दर्ज की लगातार दूसरी जीत, कड़े मुकाबले में कैमरून को 2-1 से हराया

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बाकू, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत ने फीफा अंडर-15 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी शानदार शुरुआत जारी रखी है। रविवार को होवसन कॉम्पिटिशन कॉम्प्लेक्स पर खेले गए ग्रुप (के) के अपने दूसरे मैच में भारत ने कैमरून को 2-1 से हरा दिया।

मैच की शुरुआत में ही फरेल न्गोबो (1′) के ‘आत्मघाती गोल’ (अपनी ही टीम के गोल में गेंद डालना) की बदौलत भारतीय टीम को शुरुआती बढ़त मिल गई। हालांकि, हाफ-टाइम के करीब (20वें मिनट में) मोहम्मद सोहिल खान के ‘आत्मघाती गोल’ की वजह से कैमरून ने स्कोर बराबर कर दिया।

दूसरे हाफ में आर. लालरेमरुआतफेला (27वें मिनट’) ने गोल करके भारत को फिर से बढ़त दिला दी। वहीं, गोलकीपर जेनित निंगथौजाम ने कई शानदार बचाव किए, जिसमें एक पेनल्टी भी शामिल रही। अब ग्रुप (के) में भारत इकलौती ऐसी टीम है जिसने अपने दोनों मैच जीते हैं। बारिश के बावजूद, भारत ने शुरुआत से ही अपना प्रभाव दिखाया। पहले ही मिनट में दीपक सिंह आरामबम की कॉर्नर किक से कैमरून के बॉक्स में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान न्गोबो ने गेंद को हेडर से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके अपने ही गोल में चली गई।

कैमरून ने धीरे-धीरे दबाव बढ़ाना शुरू किया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने डटकर बचाव किया। उन्होंने ‘वन-ऑन-वन’ (आमने-सामने) की स्थितियों में विरोधी खिलाड़ियों को रोके रखा और समय रहते स्लाइडिंग टैकल करके अपनी बढ़त को बरकरार रखा। भारतीय टीम ने 14वें मिनट में अपनी बढ़त को लगभग दोगुना कर लिया था। दीपक की किक-इन से कैमरून के डिफेंस में फिर से उलझन पैदा हो गई और गोलकीपर सनी-हैनसेल न्देह गेंद को पकड़ने में नाकाम रहे। डिफेंस गेंद को क्लियर नहीं कर पाया और गोलकीपर भी अपनी जगह से बाहर थे, ऐसे में कप्तान आर. लालरेमरुआतफेला ने खाली पड़े गोल की तरफ शॉट मारा, लेकिन आखिरी मौके पर एक ब्लॉक ने उन्हें गोल करने से रोक दिया।

कैमरून ने लगातार भारत के गोल पर खतरा बनाया, लेकिन गोलकीपर जेनित ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को बचाए रखा। 16वें मिनट में उन्होंने कैमरून की फ्री-किक को बेहतरीन तरीके से रोक दिया। एक मिनट बाद उन्होंने रैंडी न्गोमे के बॉक्स के अंदर से लगाए गए शॉट को गोल होने से बचाया। 18वें मिनट में भी जेनित ने शानदार बचाव किया और नदाम मोख्तार के आमने-सामने वाले मौके को मुश्किल एंगल से रोककर भारत को राहत दिलाई।

दूसरी तरफ भारत लगातार दबाव बनाए हुए था। 19वें मिनट में दीपक ने बॉक्स के किनारे से गेंद को नेट के किनारे (साइड नेटिंग) पर मारा। हालांकि, 20वें मिनट में कैमरून को बराबरी का गोल मिल गया, जब दाईं ओर से मोख्तार का क्रॉस मोहम्मद सोहिल खान से टकराकर नेट में चला गया, जिससे यह एक ‘आत्मघाती गोल’ (अपनी ही टीम के खिलाफ गोल) बन गया।

भारत ने दूसरे हाफ की शुरुआत नए इरादे के साथ की और हाफ टाइम के बाद रोनांदेव अहेइबाम को मैदान पर उतारा। इस सब्स्टिट्यूट खिलाड़ी ने आते ही अपना असर दिखाया। 27वें मिनट में मिडफील्ड में एक जोरदार टैकल के जरिए गेंद अपने कब्जे में ली और फिर उसे दीपक की तरफ बढ़ा दिया। दीपक ने बॉक्स के अंदर एक सटीक ‘लो क्रॉस’ दिया, जिस पर लालरेमरुआतफेला ने बेहतरीन संयम दिखाते हुए अपने बाएं पैर से पहली ही कोशिश में गेंद को नेट के निचले कोने में पहुंचा दिया और भारत को फिर से बढ़त दिला दी।

31वें मिनट में कैमरून को पेनल्टी मिली, क्योंकि बॉक्स के बाहर से आए एक शॉट को नारा मेइतेई लौशंबम ने हाथ से रोक लिया था। हालांकि, जेनित ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और 32वें मिनट में हारौना अब्दौले की ‘स्पॉट-किक’ (पेनल्टी) को बचाकर भारत की बढ़त को कायम रखा।

मैच के अंतिम क्षणों में भी भारत हावी रहा। 33वें मिनट में रोनांदेव ने बॉक्स के दाईं ओर से एक जोरदार शॉट लगाकर गोलकीपर नदेह की परीक्षा ली। इसके दो मिनट बाद, कैमरून के गोलकीपर ने सौमोजित सरकार की ‘फ्री-किक’ को क्रॉसबार के ऊपर से बाहर धकेल दिया। भारत ने मैच के आखिरी पलों को बखूबी संभाला, अपनी रणनीति पर कायम रहे और मुकाबला जीतकर लगातार दूसरी जीत हासिल की।