नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस) भारतीय बैडमिंटन स्टार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी अपने घरेलू मैदान पर पहली बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के मौके का आनंद ले रहे हैं। स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी का कहना है कि घरेलू दर्शकों का सपोर्ट उनके लिए एक बड़ा फायदा साबित हो सकता है। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन भारत में 17 साल बाद हो रहा है। टूर्नामेंट 17 से 23 अगस्त तक इंदिरा गांधी एरिना में आयोजित होगा।
पांचवीं सीडेड सात्विक और चिराग, जिन्हें पहले राउंड में बाई मिली है, का सामना स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल और थाईलैंड के चालोएम्पोन चारोनकितामोर्न और वोरापोल थोंगसा-न्गा के बीच होने वाले पहले राउंड के मुकाबले के विजेता से होगा।
भारतीय जोड़ी के लिए सबसे बड़ा आकर्षण अपने स्थानीय दर्शकों और समर्थकों के सामने वर्ल्ड चैंपियनशिप का अनुभव करने का मौका है।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने पहले मुकाबले से पहले मीडिया से बातचीत में चिराग ने कहा, “मुझे लगता है कि बहुत काम किया गया है। यहां काफी भीड़ रहती है। मुझे लगता है कि माहौल काफी बेहतर हैं। हर कोई यहां टूर्नामेंट का अनुभव करके बहुत अच्छा समय बिताएगा। सभी टूर्नामेंट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।”
सात्विक और चिराग की जोड़ी को भारत में पदक की गारंटी के रूप में देखा जाता है। इस उम्मीद से बनने वाले अतिरिक्त दबाव पर चिराग ने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक और मौका है। हम टूर्नामेंट में आगे तक जाने और पदक जीतने का हरसंभव प्रयास करेंगे। कोई दबाव नहीं है। मुझे लगता है कि यह एक अतिरिक्त फायदा है। हमें घरेलू दर्शकों का समर्थन मिलेगा। मुझे लगता है कि यह एक विशेषाधिकार की तरह है कि हम अपने देश में खेल पा रहे हैं। हम इसका पूरा फायदा उठाएंगे और आनंद लेंगे।”
सात्विक ने कहा, “घरेलू दर्शकों के सामने खेलना हमेशा विशेष होता है। यह इंडिया में होने या यहां खेलने के बारे में नहीं है। क्योंकि जब हमने इंटरनेशनल टूर्नामेंट में खेलना शुरू किया, तो हमें खेलने का मौका बहुत कम मिलता था।”
हाल में कंधे की समस्या परेशान रहे सात्विक ने कहा, “मैं पूरी तरह से फिट हूं और अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैंने यहां अभ्यास किया है। अभ्यास सत्र के दौरान कोर्ट के हालात अलग-अलग रहे हैं, खासकर ड्रिफ्ट के मामले में। सुबह जब हमने शुरू किया, तो बिल्कुल भी ड्रिफ्ट नहीं था। फिर, कुछ समय बाद ड्रिफ्ट हो गया। हालांकि, इंटरनेशनल बैडमिंटन के लिए यह कोई अजीब बात नहीं है।”

