कूच बिहार/जलपाईगुड़ी, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में एक बार फिर चुनावी रैलियों को संबोधित किया। मथाभंगा और धूपगुड़ी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर विपक्षी दलों के रुख की आलोचना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के समर्थकों ने संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने इसे देश की आधी आबादी का अपमान बताया और कहा कि माताएं और बहनें इसे बर्दाश्त नहीं करेंगी।
पश्चिम बंगाल में मौजूदा अशांति के लिए तृणमूल कांग्रेस को दोषी ठहराते हुए उन्होंने घोषणा की कि ममता बनर्जी को सत्ता छोड़ देनी चाहिए क्योंकि भाजपा सत्ता में आ रही है, और कहा कि बंगाल की जनता को अब डरने की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला विधेयक संसद में पेश किया। इस बिल को 2029 तक लागू किया जाना था, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दलों ने इसे पारित नहीं होने दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां आधी आबादी को अधिकार नहीं देना चाहतीं, बल्कि बांग्लादेशी घुसपैठियों का समर्थन करती हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में सत्ताधारी सरकार ऐसे लोगों को मतदाता सूचियों में शामिल करने में मदद कर रही है, जिससे गरीबों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को खारिज करना महिलाओं का अपमान है, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस कभी माता, भूमि और जनता की बात करती थी, लेकिन संसद में उसका व्यवहार देश ने देख लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में घुसपैठिए स्थानीय नागरिकों के अधिकार छीन रहे हैं, जबकि कथित अराजकता के कारण लोग भय में जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और वे पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में आलू की कीमत 15 से 20 रुपए के बीच है, जबकि बंगाल में यह 1 से 1.5 रुपए के बीच है।
उन्होंने कहा कि टीएमसी के 15 वर्षों के शासनकाल में 7,000 से अधिक बड़ी फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश ने 3 करोड़ युवाओं को रोजगार दिया है, जबकि बंगाल में लगभग 30 लाख युवा बेरोजगार हैं। उन्होंने धान और मछली उत्पादन में गिरावट का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि केंद्रीय निधि लाभार्थियों तक नहीं पहुंच रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी हिंदुओं और जय श्री राम के नारों का विरोध करती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम का भी विरोध किया, जो बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से आए हिंदुओं, जैनों और सिखों जैसे उत्पीड़ित समुदायों को नागरिकता अधिकार प्रदान करता है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में ऐसे 1056 परिवारों को भूमि अधिकार और नागरिकता दी गई है। उन्होंने अधिनियम का विरोध करने के लिए कांग्रेस, वामपंथी और टीएमसी की आलोचना की और कहा कि उनकी सरकार वैश्विक स्तर पर हिंदुओं की सुरक्षा के लिए दृढ़ता से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने टीएमसी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि वह मुसलमानों के अलावा किसी और के बारे में नहीं सोचती। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में लोग सरकारी कार्रवाई और पार्टी कार्यकर्ताओं के हमलों के डर से ‘जय श्री राम’ के नारे नहीं लगा सकते।
उन्होंने यह भी दावा किया कि दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों से पहले अशांति फैलती है और अनुमतियां नहीं दी जातीं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में भी यही स्थिति थी, पहले अक्सर दंगे और कर्फ्यू लगते थे, लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन वाली सरकार के तहत न तो कर्फ्यू है और न ही दंगे, और कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और माफियाओं की संपत्तियों का उपयोग जन कल्याण के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सड़कों पर नमाज नहीं अदा की जाती और अजान की आवाज केवल मस्जिदों तक ही सीमित है। अवैध गतिविधियों की कोई गुंजाइश नहीं है और इसे बंगाल के लिए बदलाव का अवसर बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध थे, लेकिन अब कावड़ यात्रा और दुर्गा पूजा दोनों शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं और कानून-व्यवस्था को लेकर पहले उठाई गई चिंताएं निराधार साबित हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने रवींद्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी बंगाल की प्रख्यात हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बंगाल ने भारत की संस्कृति, विरासत और बलिदान के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से बंगाल में डबल इंजन वाली सरकार बनाने और मथाभंगा से भाजपा उम्मीदवार निशित प्रमाणिक, शीतलकुची से सावित्री बर्मन और धूपगुड़ी से नरेश चंद्र रॉय का समर्थन करने की अपील की।

