नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। गोवा के अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में आग लगने की घटना के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लूथरा बंधुओं को दो सप्ताह में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। दिसंबर 2025 में इस नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें नाइटक्लब के तीनों मालिकों (सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता) की जमानत रद्द कर दी गई थी।
साथ ही, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता की ओर से दाखिल अपीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने तीनों को दो सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से आरोप तय करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी आग्रह किया है।
गोवा के मापुसा की अतिरिक्त सत्र अदालत ने पहले तीनों को जमानत दे दी थी। अजय गुप्ता को 23 मार्च, जबकि सौरभ और गौरव लूथरा को 1 अप्रैल को जमानत मिली थी। गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। 19 अगस्त को जस्टिस नीला गोखले ने राज्य की अपील स्वीकार करते हुए तीनों की जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन सोमवार को शीर्ष अदालत ने उनकी अपीलें खारिज कर दीं।
मामला 6 दिसंबर 2025 की रात उत्तरी गोवा के अरपोरा में स्थित नाइटक्लब में लगी आग से जुड़ा है। इस हादसे में 25 लोगों की जान चली गई थी। पुलिस जांच में आरोप लगाया गया कि क्लब के पास वैध सुरक्षा मंजूरी नहीं थी और वहां पर्याप्त अग्निशमन उपकरण भी मौजूद नहीं थे।
पुलिस के अनुसार, बिना जरूरी सुरक्षा उपायों के एक इनडोर फायर शो आयोजित किया गया था, जिसके दौरान आग भड़क गई। जांच में यह दावा भी किया गया कि रेस्तरां वैध ट्रेड लाइसेंस के बिना संचालित हो रहा था। आग लगने के कुछ घंटे बाद सौरभ और गौरव लूथरा के थाईलैंड भाग जाने की बात सामने आई थी। बाद में दोनों को थाईलैंड से डिपोर्ट किया गया और गोवा पुलिस ने गिरफ्तार किया।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत गैर-इरादतन हत्या, जीवन को खतरे में डालने वाले कृत्य और आग से संबंधित लापरवाही समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया। मामले में क्लब के अन्य साझेदारों, मैनेजर, इवेंट आयोजकों और कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया।
