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ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाह अफसरों और डिफॉल्टर ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई : केशव मौर्य

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लखनऊ, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण में लापरवाही और गुणवत्ता में कमी पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाएं पूरी करने, वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त और गड्ढायुक्त सड़कों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने तथा निर्धारित समय में काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (यूपीआरआरडीए) के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कें विकास और समृद्धि की जीवनरेखा हैं। इनकी गुणवत्ता, निर्माण की गति और रखरखाव में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ठेकेदारों के नियमानुसार भुगतान में अनावश्यक देरी न की जाए, ताकि निर्माण कार्यों की रफ्तार प्रभावित न हो।

केशव मौर्य ने वर्षा ऋतु के कारण क्षतिग्रस्त और गड्ढायुक्त ग्रामीण मार्गों को लेकर विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर उनकी मरम्मत कराई जाए। सड़कों की स्थिति का नियमित आकलन करते हुए जरूरी काम निर्धारित समय में पूरा किया जाए, जिससे ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों और मरीजों को आवागमन में परेशानी न हो। उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधूरे कार्यों को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिन सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है, उन्हें नियमानुसार जल्द लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को हस्तांतरित किया जाए ताकि उनका रखरखाव सुनिश्चित हो सके। उन्होंने योजना के चौथे चरण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जरूरी तैयारियां समय से पूरी करने और कार्ययोजना को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया।

केशव मौर्य ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में काम पूरा नहीं करने और समयावृद्धि मिलने के बावजूद परियोजनाएं लंबित रखने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्यों में अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों को काली सूची में डालने के साथ नियमानुसार कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करने वाले अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

उप मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण, वित्तीय प्रबंधन और रखरखाव की निगरानी के लिए डिजिटल प्रणालियों का प्रभावी इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मैनेजमेंट, मॉनिटरिंग एंड अकाउंटिंग सिस्टम (ओएमएमएएस) के माध्यम से परियोजनाओं की प्रगति और वित्तीय प्रबंधन की नियमित निगरानी की जाए। वहीं, सड़कों के रखरखाव की स्थिति पर नजर रखने के लिए ई-मार्ग प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग किया जाए।

उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने, नियमित जांच कराने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया। मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्कविहीन बस्तियों को बारहमासी सड़कों से जोड़ना है, ताकि ग्रामीणों को कृषि मंडियों, विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और रोजगार के अवसरों तक आसानी से पहुंच मिल सके।

बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त ग्राम्य विकास सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। विभागीय अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

–आईएएनएस

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