कोलकाता, 27 जून ( आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने गुंडा नियंत्रण बिल पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विरोध दर्ज कराया। उन्होंने शनिवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह असंवैधानिक बिल है। यह ब्रिटिश जमाने का प्रतिरूप है।
उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन में इस कानून का दुरुपयोग किया जाता था। इसके तहत जिसे चाहे उसे गिरफ्तार कर लिया जाता था। इस बिल में भी वही प्रावधान किया गया है। इस बिल के तहत भी जिसे चाहे उसे गिरफ्तार करने की पूरी छूट दी गई है। 24 घंटे में कोर्ट में पेश करने की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने कहा कि कोर्ट को दरकिनार करते हुए इस तरह की व्यवस्था की जा रही है। यहां तक की आप अपने लिए वकील भी नियुक्त नहीं कर सकते हैं। इस तरह की व्यवस्था की गई है। आखिर ऐसी स्थिति में हम कैसे अपना केस लड़ेंगे? यह बिल पूरी तरह से जनविरोधी, अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है। ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के नेता इस बिल का विरोध करेंगे।
इसके अलावा, उन्होंने फिरहाद हकीम पर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, इन लोगों ने कहा था कि हम किसी को भी नहीं छोड़ेंगे। अगर पूर्व मेयर जिम्मेदार है, तो उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। हम यह विश्वास करते हैं कि सीएम सुवेंदु अधिकारी ने जो कहा है, वो न्याय के लिए कहा है। आज यह साफ हो जाएगा कि सुवेंदु अधिकारी जो बोल रहे हैं, वो न्याय के लिए बोल रहे हैं या राजनीतिक दबाव के लिए।
वहीं, उन्होंने तारतला इंसीडेंट को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। सिर्फ छोटे मोटे अफसरों को गिरफ्तार करके काम नहीं चलेगा। अगर गिरफ्तार करना है, तो बड़े मछलियों को भी पकड़ना होगा। इन लोगों को पार्टी तोड़ने का काम सौंपा गया है। अगर यह लोग पार्टी तोड़ने में सफल रहेंगे, तो इनकी गलती माफ कर दी जाएगी। इस तरह की व्यवस्था की गई है। लेकिन, अब ये सब नहीं चलेगा, अगर पकड़ना है, तो सभी को पकड़ना होगा। अभी जो जानकारी सामने आई है कि कमर्शियल बिल्डिंग का काम रोक दिया गया है, क्योंकि पूरे प्लान की अभी ऑडिटिंग होगी। लेकिन, इससे काम रुक जाएगा। इससे साइट पर काम करने वाले श्रमिकों का रोजगार छीन जाएगा। ये लोग बहुत गरीब हैं।
उन्होंने कहा कि हमने सीएम को पत्र लिखकर इस बात का जिक्र किया था कि साइट पर काम रोके जाने से श्रमिकों का रोजगार छिन जाएगा। इसके बाद वो कहां जाएंगे। इसके बाद यह फैसला किया गया कि जो श्रमिक अपने घर जाना चाहते हैं, वो जा सकते हैं और जो यहीं पर रहना चाहते हैं, उन्हें बिल्डर की ओर से खाना मुहैया कराया जाएगा।

