नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। गुरुग्राम के चर्चित गोल्फ कोर्स रोड हिंट एंड रन मामले में पीड़िता बाइकर सिया के पिता रोशन चौहान ने घटना के दौरान गाड़ी में पीछे बैठे दो आरोपियों की गिरफ्तारी की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर गाड़ी को हिट करना अपराध है।
सिया के पिता रोशन चौहान ने कहा, “सिया ने बताया कि उस गाड़ी के अंदर चार लोग थे। पुलिस ने दो लोगों को अरेस्ट कर लिया था, उसके बाद एसआईटी भी बनी और उन्होंने बहुत अच्छा काम किया। दो दिनों की पुलिस रिमांड मिली थी। मैंने एक वीडियो देखा जिसमें कल्याण बैंसला कह रहे थे कि उनकी बुआ और उनकी बेटी पीछे बैठी हुई थी। ऐसा कुछ नहीं था। उसमें पीछे बैठने वाले भी लड़के ही थे।”
रोशन चौहान ने बताया कि जानकारी के अनुसार, उन्होंने क्लब में रातभर पार्टी की। लोग अक्सर पार्टी करते हैं, उसमें कोई परेशानी नहीं है, लेकिन दिक्कत ये है कि पूरी रात के बाद जब आप उस क्लब से निकलते हैं, तो सड़क को भी क्लब समझने लगते हैं। क्लब के अंदर आपके खुश रहने के लिए माहौल बनाया जाता है, जिसके लिए वो पैसे लेते हैं। सार्वजनिक तौर पर जब आप लोगों के बीच आते हैं, तो आपको वो माहौल नहीं मिलता है।
उन्होंने कहा कि मेरी बेटी ने पहले बयान में सही कहा था कि जो उसके अंदर बैठे थे, उनकी मंशा ठीक नहीं थी। हो सकता है कि शराब पी रखी हो, नशे में हों। काफी लोगों ने ये भी कहा कि कोई सुबह-सुबह शराब पीता है क्या? सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणी की। लेकिन अब लगता है कि शायद उन लोगों ने पी रखी होगी और अगर शराब का सेवन न भी किया हो, लेकिन हो सकता है कि उस समय तक नशा न उतरा हो। जिस प्रकार से उन्होंने हिट किया है, वो अपराध है।
पीड़िता के पिता ने कहा कि कोर्ट से ये अपील है कि जो दो लोग पीछे बैठे थे, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए। एसआईटी अच्छा काम कर रही है। आप किसके लिए महापंचायत कर रहे हैं। अगर आपसे गलती हुई है, तो उसे महसूस करें। गलती किसी से भी हो सकती है, अपराध की कोई जाति या कोई धर्म नहीं होता है। आपने महाभारत देखा होगा। कर्ण का दुर्योधन के साथ बहुत अच्छा लगाव था। कर्ण को भी पता था कि दुर्योधन गलत है। ऐसे ही सभी के साथ कर्ण होते हैं। मेरी उन सभी लोगों से विनती है कि इस चीज को ज्यादा तूल न दें। जो काम कानून को करना है, उसे करने दें। हमारी किसी से जाति दुश्मनी नहीं है। कई बार ऐसा गलती से होता है कि गाड़ी गलती से हिट हो जाती है, लेकिन इस मामले में परेशानी ये है कि ये जानबूझकर किया गया।
रोशन चौहान ने कहा कि 36 बिरादरी को लेकर सिया के पिता ने कहा कि 36 बिरादरियां किसलिए शामिल हो रही हैं? आज भारत के अंदर सभी का समाज है। मेरे पास भी राजपूत समाज के लोगों का फोन आता है। मैं दिल से कहता हूं कि बैंसला परिवार है, जिनके बच्चे पकड़े गए हैं, उनके प्रति मैं सहानुभूति रखता हूं। मुझे पता है कि उनके माता-पिता के ऊपर क्या बीत रही होगी। मुझे पता है कि उनकी पत्नी और बच्चे के ऊपर क्या बीत रही होगी। मुझे दुख है, लेकिन आप मेरी जगह खुद को रखकर देखो न।
उन्होंने कहा कि आप सोचो कि आपकी बेटी को मेरे बेटे ने टक्कर मार दी फिर? मेरी बेटी को आज भी पीड़ा हो रही है। उन्हें भगवान का शुक्र मनाना चाहिए है कि मेरी बेटी ने सेफ्टी गार्ड पहन रखा था और उसे इतनी गंभीर चोटें नहीं आई। अगर उसकी वहां पर मौत हो जाती, कोई न्याय नहीं देता, तो पंचायत कैसे होती, ये मेरा समाज भी बता देता। कानूनी प्रक्रिया के अंदर हम न्याय मांग रहे हैं।
