गुवाहाटी, 6 सितंबर (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को गुवाहाटी स्थित श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने नव-स्नातक स्वास्थ्य पेशेवरों से करुणा, नैतिकता और वैज्ञानिक उत्कृष्टता के मूल्यों का पालन करने तथा अपने ज्ञान और कौशल को मानवता की सेवा के लिए समर्पित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर उन्होंने वर्ष 2023, 2024 और 2025 के लिए डॉ. जॉन बेरी व्हाइट पुरस्कार भी प्रदान किए।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा, अनुसंधान और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संस्थान के रूप में उभरा है। उन्होंने स्थानीय भाषाओं में चिकित्सा ज्ञान के प्रसार के लिए विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की, जिसमें मेडिकल साइंस का एंग्लो-असमिया शब्दकोश तथा असमिया भाषा में चिकित्सा पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन शामिल है।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए परिवर्तन का उल्लेख करते हुए आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब तक 44 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं और इस योजना ने गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को चिकित्सा व्यय में अनुमानतः 2 लाख करोड़ रुपए की बचत करने में सहायता प्रदान की है।
असम के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या वर्ष 2021 के सात से बढ़कर 15 हो गई है और नौ अन्य मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। उन्होंने एम्स गुवाहाटी तथा असम के त्रिस्तरीय कैंसर देखभाल नेटवर्क का भी उल्लेख किया, जिसमें राज्य का पहला प्रोटॉन बीम थेरेपी केंद्र शामिल है।
उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा और असम सरकार को स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के बदलते परिदृश्य के कारण अब असम के बाहर के मरीज भी उन्नत उपचार के लिए बढ़ती संख्या में गुवाहाटी का रुख कर रहे हैं।
युवाओं से स्वस्थ और अनुशासित जीवन अपनाने का आह्वान करते हुए सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें नशे से दूर रहने तथा ‘नशा मुक्त भारत’ के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का रचनात्मक उपयोग करने तथा उसे अपने समय पर अत्यधिक प्रभाव न डालने देने की सलाह भी दी।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि युवा स्वास्थ्य पेशेवरों की ‘विकसित और स्वस्थ भारत’ के निर्माण की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने स्नातक विद्यार्थियों को उनके भावी जीवन एवं करियर के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस दीक्षांत समारोह में असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री अशोक सिंघल, शिक्षा मंत्री डॉ. रणोज पेगु, मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा, एसएसयूएचएस के कुलपति डॉ. अनुप कुमार बरमन सहित संकाय सदस्य, शोधकर्ता, छात्र एवं अभिभावक उपस्थित थे।
