वडोदरा, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ रविवार को शतकीय पारी खेली। इस दौरान उन्होंने प्रतिका रावल (61) के साथ तीसरे विकेट के लिए 124 रन और दीप्ति शर्मा (नाबाद 106) के साथ पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों में 153 रन जोड़े। इन साझेदारियों के दम पर भारत ने 6 विकेट खोकर 328 रन बनाए।
करीब 15 महीनों बाद अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ने के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा, “हालात आसान नहीं थे। आजकल हम ज्यादातर रात के मैच खेलते हैं। लंबे समय बाद धूप में खेलना, बल्लेबाजी के लिए मुश्किल स्थिति थी। दो विकेट गिरने के बाद, प्रतिका और मेरी बहुत अच्छी साझेदारी हुई और फिर दीप्ति ने पिच पर अपना ‘जादू’ दिखाया।”
भारत की पूर्व कप्तान ने पांचवें विकेट के लिए दीप्ति के साथ 153 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की। हरमनप्रीत ने बताया कि उन्हें खुशी थी कि उन्होंने खुद को थोड़ा पीछे रखा और स्ट्राइक रोटेट की, जबकि दूसरे छोर पर मौजूद ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर दीप्ति आसानी से बाउंड्री लगा रही थीं।
दिग्गज बल्लेबाज ने कहा, “जब कोई खिलाड़ी क्रीज पर आता है और लगातार बाउंड्री लगाता है, तो आपका काम सिंगल लेकर उसे स्ट्राइक देते रहना होता है। यह देखकर अच्छा लगा कि वह जिम्मेदारी ले रही थीं, और दूसरे छोर से उन्हें खेलते देखकर बहुत अच्छा लगा।”
इस पारी के दौरान हरमनप्रीत कौर को तीन बार जीवनदान मिला। कौर ने बताया कि शुरुआत में पिच का बर्ताव सही नहीं था, इसलिए उनका पूरा ध्यान क्रीज पर टिके रहने पर था। उन्होंने कहा, “यह कोई आसान विकेट नहीं था। शुरुआत में गेंद थोड़ी रुक कर आ रही थी। हमारी सोच बस यही थी कि बल्लेबाजी करते रहें और अपना पोस्चर (बल्लेबाजी का तरीका) सही बनाए रखें। इसी वजह से आज हमें अच्छा परिणाम मिला। मैं बस मैदान पर अपने खेल का आनंद लेना चाहती हूं। सबसे जरूरी बात यह है कि मैं बल्लेबाजी करती रहूं और खेल का लुत्फ उठाती रहूं। अच्छी बात यह है कि मैं गेंद को अच्छे से हिट कर पा रही हूं।”
