नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने ‘पाकिस्तानी एजेंट’ वाले आरोपों पर पार्टी नेता गौरव गोगोई का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि असम में कांग्रेस के प्रति लोगों के रुझान को देखकर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा घबराए हुए हैं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए सुखदेव भगत ने कहा, “मैं समझता हूं कि हिमंता बिस्वा सरमा घबराए हुए हैं। वहां उनकी जो भूमिका रही है और जिस प्रकार कांग्रेस पार्टी की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा है, तो इस प्रकार का बयान भी वो देते हैं। वो टारगेट करके जिनसे उन्हें डर लगता है, उनके खिलाफ तथ्यहीन बातें करते हैं।”
देहरादून में कश्मीरी लड़के के साथ मारपीट का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा, “सत्ता पर बैठे लोग, जैसे हिमंता बिस्वा सरमा ऐसे शब्दों का प्रयोग करें या गृह मंत्री का वह सनातनी वाला बयान, तो ये संविधान की शपथ लेते हैं लेकिन व्यवहार कुछ और करते हैं। उसी का दुष्परिणाम (मारपीट) देखने को मिल रहा है।”
सुखदेव भगत ने यूपी में 99 विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वासन पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा, “जहां लोग चांद पर जा रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार हिंदू-मुस्लिम से ऊपर नहीं आ रही है। देश की बेरोजगारी पर बातें आनी चाहिए, लेकिन ज्वलंत मुद्दों से हटकर सिर्फ हिंदू-मुस्लिम, यह इनके एजेंडे में है और इन्हीं पर यह फोकस करते हैं।”
सुखदेव भगत ने आर्थिक सर्वेक्षण पर कहा, “यह जमीनी सच्चाई से परे है। आर्थिक सर्वे में आम आदमी की हकीकत नहीं होती है। महंगाई और बेरोजगारी पर समाधान का रोडमैप आपने नहीं दिया है। यही आंकड़े सरकार के अचीवमेंट को दर्शाते हैं, जमीनी हकीकत से ये दूर है।”
यूजीसी विवाद पर कांग्रेस सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “अगर किसी नियम में अस्पष्टता है, पूरी तरह से डिफाइन नहीं किया गया है और क्लैरिटी नहीं है, तो सुप्रीम कोर्ट ने उस पर स्टे लगाया है। दूसरी बात, स्टैंडिंग कमिटी ने यह सुझाव दिया था कि अगर कोई इसका गलत इस्तेमाल करता है, गलत जानकारी देता है या गलत तरीके से शिकायत करता है, तो उसे भी दंड का भागी बनाया जाए। लेकिन वह प्रावधान इसमें हटा दिया गया। इसलिए हमने कहा कि जब तक चीजों को बहुत स्पष्टता के साथ नहीं रखा जाएगा, तब तक यह नियम प्रभावी और स्पष्ट नहीं हो पाएगा।”

