तेहरान, 6 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिमी ईरान में शनिवार को एक सड़क हादसे के बाद ईंधन टैंकर में हुए धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई। विस्फोट के कारण आसपास चल रही कई गाड़ियों में भी आग लग गई। हादसे में सात लोग घायल भी हुए हैं।
सरकारी समाचार एजेंसी आईआरआईबी के अनुसार, यह हादसा कुर्दिस्तान प्रांत के सनंदाज काउंटी और हमदान प्रांत के हमदान काउंटी के बीच स्थित इंटरसिटी सड़क पर हुआ। यह जानकारी कुर्दिस्तान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज की इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज के प्रमुख बाबक होदाई ने दी।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, होदाई ने बताया कि विस्फोट के कारण आसपास चल रही कई गाड़ियों में भी आग लग गई। उन्होंने कहा कि बचाव दल घायलों को सनंदाज के एक अस्पताल में भर्ती करा चुके हैं। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है।
इससे पहले जुलाई में स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंग (नेवल माइन) से टकराने के बाद विस्फोट का शिकार हो गया था।
बताया गया कि जहाज ईरान की ओर से तय किए गए मार्ग से हट गया था और उसी दौरान वह बारूदी सुरंग से टकरा गया।
ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, टैंकर पहले दी गई चेतावनियों के बावजूद ईरान की ओर से निर्धारित सुरक्षित समुद्री मार्ग से बाहर एक क्षेत्र में पहुंच गया था।
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से खाड़ी क्षेत्र के बड़े तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) उत्पादकों का निर्यात अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है।
इस बीच, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव में नई बढ़ोतरी देखने को मिली। अमेरिकी सेना ने शनिवार को कहा कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की ओर से अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद अमेरिकी बलों ने ईरान के तीन कच्चा तेल ले जा रहे टैंकरों पर हमला किया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, एक अमेरिकी विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) और एक गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर ने ईरान के कई हमलों से सफलतापूर्वक बचाव किया। इस घटना में कोई भी अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ।
सेंटकॉम ने कहा, “5 सितंबर को सेंटकॉम बलों ने ईरान के तीन कच्चा तेल ले जाने वाले जहाजों पर हमला किया, जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त कर रहे अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।”
