Tuesday, August 18, 2026
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14 मिनट में हीरे की चोरी, 7 घंटे में दबोचे गए आरोपी, गुजरात पुलिस ने ऐसे सुलझाया मामला

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अहमदाबाद, 17 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के बोटाद जिले में हुई 43.11 लाख रुपए के हीरों की चोरी का पुलिस ने महज सात घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। बोटाद और अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चोरी किए गए हीरे बरामद करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के मुताबिक, रविवार दोपहर बोटाद के नीलम डायमंड मार्केट स्थित हीरा कारोबारी अशोक भाई कंकोटिया के कार्यालय से करीब 1,437 कैरेट तैयार हीरे चोरी कर लिए गए थे।

जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपियों का पीछा करते हुए ट्रेन के जरिए भागते हुए ट्रैक किया। आखिरकार अहमदाबाद ग्रामीण जिले के बावला रेलवे स्टेशन पर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 1,885.75 कैरेट हीरे बरामद किए। अतिरिक्त बरामद हीरों के बारे में जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार, चोरी 16 अगस्त को दोपहर 1:09 बजे से 1:23 बजे के बीच हुई। रविवार की छुट्टी होने के कारण बाजार की अधिकांश दुकानें बंद थीं।

सीसीटीवी फुटेज में एक महिला भिखारी के वेश में कार्यालय के पिछले दरवाजे से अंदर जाती दिखाई दी। करीब 14 मिनट बाद वह एक पैकेट लेकर बाहर निकली।

बाद में कारोबारी अशोकभाई कंकोटिया ने पाया कि कार्यालय में एक दराज का ताला खोलकर वहां रखे हीरों के पैकेट और बैग चोरी कर लिए गए हैं। चोरी हुए हीरों की कीमत लगभग 3,000 रुपए प्रति कैरेट आंकी गई, जिसकी कुल कीमत 43.11 लाख रुपए थी।

पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर महिला द्वारा इस्तेमाल किए गए ऑटो का पता लगाया। ऑटो चालक ने बताया कि उसने महिला को रेलवे ट्रैक के पास स्थित खोडियारनगर इलाके में छोड़ा था।

वहां पहुंचने पर पुलिस को संदिग्ध परिवार का घर बंद मिला। जांच में एक अन्य ऑटो चालक से पता चला कि दो महिलाएं, दो पुरुष और एक बच्चा शाम करीब 4:31 बजे बोटाद रेलवे स्टेशन गए थे।

रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी में संदिग्धों को सामान और बैग के साथ बोटाद-अहमदाबाद लोकल ट्रेन में सवार होते देखा गया। इसके बाद पुलिस ने रेलवे की तकनीकी मदद से ट्रेन की लोकेशन ट्रैक की। जैसे ही पता चला कि आरोपी बोटाद जिले से बाहर जा चुके हैं, बोटाद पुलिस ने अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस से संपर्क किया।

आरोपियों की तस्वीरें, कपड़ों का विवरण और अन्य पहचान संबंधी जानकारी व्हाट्सएप के जरिए पुलिस टीमों तक पहुंचाई गई। इसके बाद बावला रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दी गई। शाम करीब 8:30 बजे ट्रेन के बावला स्टेशन पहुंचने पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर पकड़ लिया।

शुरुआत में आरोपियों ने चोरी में शामिल होने से इनकार किया। लेकिन, तलाशी लेने पर महिला के बैग से कपड़ों और रजाइयों के नीचे छिपाया गया एक चमड़े का बटुआ मिला। उसमें प्लास्टिक की जिप लॉक थैलियां और 14 पैकेट मिले, जिनमें हीरे रखे हुए थे।

स्थानीय जौहरी जिग्नेश सोनी की मदद से हीरों की जांच और तौल कराई गई। बरामद हीरों का कुल वजन 1,885.75 कैरेट निकला।

शिकायतकर्ता और उनके साझेदार ने इनमें से लगभग 1,437 कैरेट की पहचान चोरी किए गए हीरों के रूप में की। इस तरह पुलिस ने चोरी गई संपत्ति की 100 प्रतिशत बरामदगी का दावा किया है।

पुलिस ने बाचूभाई सदमिया (55), विनाभाई धीरूभाई उर्फ धारूभाई चौहान और सपनाबेन (31) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी में दिखाई देने वाली महिला की पहचान सपनाबेन के रूप में हुई है।

पुलिस ने बाचूभाई के पास से 4,000 रुपए नकद, जबकि विनाभाई के पास से 180 रुपए और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। कुल जब्त संपत्ति की कीमत 43.17 लाख रुपए आंकी गई है, जिसमें चोरी के हीरे, मोबाइल फोन और नकदी शामिल हैं।