जयपुर, 6 मई (आईएएनएस)। राजस्थान भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को बारां जिले में कृषि विस्तार के संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीना को 8,000 रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। एसीबी टीम द्वारा सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा गया।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 4 मई को दो शिकायतकर्ताओं की लिखित शिकायत के बाद की गई।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि अधिकारी उर्वरक, बीज और कीटनाशक जैसे कृषि सामग्री बेचने वाले प्रत्येक विक्रेता से 5,000 रुपए की मांग कर रहा है। रिश्वत स्टॉक रजिस्टर के सत्यापन के बदले में मांगी जा रही थी, जो उनके व्यवसाय संचालन के लिए एक अनिवार्य प्रशासनिक प्रक्रिया है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने 5 मई को गोपनीय सत्यापन कार्यवाही शुरू की। इस प्रक्रिया के दौरान आरोप सही पाए गए।
जांचकर्ताओं ने पुष्टि की कि आरोपी ने पहले ही एक शिकायतकर्ता से 2,000 रुपए आंशिक भुगतान के रूप में ले लिए थे और शेष 3,000 रुपए की मांग कर रहा था। इसके बाद एसीबी टीम ने बुधवार को एसीबी कोटा रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीना के पर्यवेक्षण में जाल बिछाया।
इस अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालू राम वर्मा ने किया और इसे उप पुलिस अधीक्षक प्रेमचंद के नेतृत्व वाली टीम ने अंजाम दिया।
इस अभियान के दौरान, अधिकारी को एक शिकायतकर्ता से 5,000 रुपए और दूसरे से 3,000 रुपए लेते हुए रंगे हाथों एसीबी ने पकड़ लिया। एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह पता लगाने के लिए आगे की पूछताछ जारी है कि क्या इसमें और भी लोग शामिल थे या जिले के अन्य विक्रेताओं से भी इसी तरह की मांगें की गई थीं।
इस जांच की निगरानी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमाला सहित वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।

