अमरावती, 19 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड से जुड़े रिकॉर्ड जल्द ही तेलंगाना से राज्य को सौंपे जाने वाले हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि संयुक्त आंध्र प्रदेश के समय के ये रिकॉर्ड तेलंगाना स्थित वक्फ बोर्ड के पास थे और उनका हस्तांतरण पिछले एक दशक से लंबित था।
आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शेख अब्दुल अजीज ने कहा कि लंबे समय से अटके इस मामले के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एनएमडी फारूक के हस्तक्षेप के बाद यह संभव हो पाया।
अब्दुल अजीज के अनुसार, वक्फ बोर्ड रिकॉर्ड के साथ-साथ बकाया वित्तीय संपत्तियों को भी वापस लेने की दिशा में कदम उठा रहा है।
2014 में संयुक्त आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड से संबंधित महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, फाइलें, सर्वे फॉर्म, जिला-वार गजट, बोर्ड प्रस्तावों की प्रतियां और अन्य दस्तावेज तेलंगाना वक्फ बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में ही रह गए थे।
उन्होंने बताया कि वक्फ अधिनियम 1995 और केंद्र सरकार द्वारा तय विभाजन दिशा-निर्देशों के तहत इन रिकॉर्ड और संपत्तियों को आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड को हस्तांतरित किया जाना था, लेकिन यह प्रक्रिया वर्षों तक आगे नहीं बढ़ सकी।
अब्दुल अजीज ने कहा कि अध्यक्ष का पद संभालने के बाद उन्होंने इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने तेलंगाना वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं और लगातार पत्राचार के जरिए मामले को आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और मंत्री फारूक ने इस मामले को गंभीरता से लिया और उचित स्तर पर हस्तक्षेप कर समाधान में विशेष सहयोग दिया।
अब्दुल अजीज ने बताया कि लगातार प्रयासों और उच्चस्तरीय प्रशासनिक चर्चाओं के बाद तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन जारी कर रिकॉर्ड रूम खाली कराने और उसे तेलंगाना वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपने के आदेश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि तेलंगाना वक्फ बोर्ड के पास वर्तमान में आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड से संबंधित कुल 2,971 फाइलें, आठ सर्वे कमिश्नर रिपोर्ट पुस्तकें और तीन गजट मौजूद हैं।
अब्दुल अजीज ने कहा कि रिकॉर्ड रूम खाली होने और दस्तावेज सौंपे जाने के बाद आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड इन्हें अपने कब्जे में ले लेगा। इसके लिए आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड की ओर से विशेष टीमें भेजी जा चुकी हैं, जो रिकॉर्ड की पहचान, सूची तैयार करने और उन्हें अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया को तेज कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि ये रिकॉर्ड वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, कानूनी मामलों के प्रबंधन, सर्वे सत्यापन और केंद्र सरकार के उम्मीद पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
अब्दुल अजीज ने यह भी बताया कि रिकॉर्ड के अलावा आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड को मिलने वाली नकद शेष राशि, जमा राशि और अन्य वित्तीय देनदारियों की वसूली की प्रक्रिया भी जारी है। उनके अनुसार, आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड को कुल 55.5 करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारियां मिलनी बाकी हैं।

