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असम: पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के लिए काम करने वाला व्यक्ति गिरफ्तार

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गुवाहाटी, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम में कथित पाकिस्तानी जासूसी गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ाने वाली एक नई घटना सामने आई है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि गुवाहाटी के सतगांव इलाके से रितेश कुमार सिंह नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उस पर पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) के लिए काम करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव की ओर से संदिग्ध जासूसी गतिविधियों के सिलसिले में सुरक्षा एजेंसियों ने सिंह को पकड़ा। उसकी गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान स्थित इंटेलिजेंस नेटवर्क द्वारा भारत में संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए लोगों को भर्ती करने की कथित कोशिशों की कई जांचें चल रही हैं।

गुवाहाटी में हुई यह गिरफ्तारी अहम है क्योंकि असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र का रणनीतिक महत्व है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये इलाके भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और संवेदनशील सैन्य व सुरक्षा ठिकानों के भौगोलिक रूप से करीब हैं।

सिंह पर पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव से संबंध रखने और कथित तौर पर उस नेटवर्क की गतिविधियों में मदद करने का शक है। जांच के दौरान कथित तौर पर साझा की गई जानकारी की प्रकृति, संदिग्ध नेटवर्क के साथ उसके जुड़ाव की अवधि और उसके हैंडलर्स की पहचान के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

सुरक्षा एजेंसियां ​​सिंह के कम्युनिकेशन रिकॉर्ड, पैसों के लेन-देन, डिजिटल डिवाइस और कॉन्टैक्ट्स की जांच कर सकती हैं ताकि कथित जासूसी नेटवर्क के दायरे का पता लगाया जा सके और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सुरक्षा एजेंसियां ​​सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए चल रहे पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध जासूसी नेटवर्क पर कड़ी नजर रख रही हैं।

जांचकर्ताओं के यह पता लगाने की उम्मीद है कि क्या सिंह अकेले काम कर रहा था या वह पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।

अधिकारियों ने अभी तक इस मामले के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, जिसमें आरोपी पर लगाए जाने वाले खास आरोप भी शामिल हैं।

ताजा घटनाक्रम ने असम में विदेशी खुफिया एजेंसियों की संदिग्ध गतिविधियों के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। सुरक्षा एजेंसियां ​​संवेदनशील जानकारी जुटाने या स्थानीय नेटवर्क बनाने की कोशिशों पर कड़ी नजर रख रही हैं।