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असम में बाढ़ प्रबंधन के लिए एआई और टेक्नोलॉजी का सहारा, सीएम सरमा का युवाओं को आह्वान

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गुवाहाटी, 25 सितंबर (आईएएनएस)। असम बाढ़ से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए तकनीकी समाधान तलाश रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के युवाओं से बाढ़ से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए नए-नए विचार विकसित करने का आह्वान किया है।

सीएम हिमंत बिस्सा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि शिवसागर और चराइदेव में हाल ही में आई बाढ़ ने राज्य की तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए नए दृष्टिकोण और प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, “असम बाढ़ से निपटने की तैयारियों के लिए नए तकनीकी समाधान तलाश रहा है, खासकर शिवसागर और चराइदेव में हाल ही में आई बाढ़ के बाद, और मुझे विश्वास है कि हमारे युवा ऐसे समाधान लेकर आ सकेंगे।”

उन्होंने असम की युवा आबादी की तकनीकी नवाचार को गति देने और राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने की क्षमता पर बल दिया।

सरमा ने असम के तकनीकी भविष्य के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सेमीकंडक्टर सहित उन्नत और गहन प्रौद्योगिकियों के इर्द-गिर्द एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “भविष्य के असम में एआई, सेमीकंडक्टर आदि जैसी उन्नत और गहन तकनीकों का एक पारिस्थितिकी तंत्र होगा।”

सीएम ने आयातित उन्नत मशीनरी पर निर्भरता समाप्त करने और राज्य के भीतर विनिर्माण क्षमता विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्‍होंने कहा, “हमें उन्नत मशीनरी का आयात करने के बजाय असम में ही निर्माण करने का लक्ष्य रखना चाहिए।”

असम में लगातार बाढ़ की समस्या बनी हुई है और इसके लिए बेहतर तैयारी, शीघ्र प्रतिक्रिया और मजबूत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है। ऐसे में मुख्यमंत्री की ये टिप्पणियां इसी संदर्भ में आई हैं। प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों पर जोर देने से प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में नवाचार और स्थानीय विशेषज्ञता के अधिक उपयोग की ओर भी संकेत मिलता है।

मुख्यमंत्री द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर और उन्नत मशीनरी पर दिया गया जोर उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में क्षमता निर्माण के लिए राज्य के व्यापक प्रयासों को दर्शाता है। इस तरह का पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने से युवाओं के लिए अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और उद्यमिता के क्षेत्र में अवसर भी उत्पन्न हो सकते हैं।

सीएम सरमा ने युवाओं के नेतृत्व में नवाचार का आह्वान करते हुए राज्य के बाहर से मंगाई गई तकनीकों और उपकरणों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय असम के भीतर ही समाधान विकसित करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि असम के भविष्य के विकास में उन्नत प्रौद्योगिकी को स्थानीय विनिर्माण से जोड़ना चाहिए, साथ ही राज्य के युवाओं को राज्य के सामने आने वाली चुनौतियों के समाधान खोजने में केंद्रीय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

उनके ये बयान दोहरे दृष्टिकोण को रेखांकित करते हैं कि बाढ़ की तैयारी जैसी तात्कालिक चुनौतियों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना, साथ ही असम में उन्नत प्रौद्योगिकी और विनिर्माण के लिए एक दीर्घकालिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना।