Saturday, July 4, 2026
SGSU Advertisement
Home अंतर्राष्ट्रीय बांग्लादेश : फुटबॉल वर्ल्ड कप मैच देखने पहुंचीं छात्राओं के साथ बदसलूकी...

बांग्लादेश : फुटबॉल वर्ल्ड कप मैच देखने पहुंचीं छात्राओं के साथ बदसलूकी का आरोप, ढाका यूनिवर्सिटी में बवाल

0
1

ढाका, 3 जुलाई (आईएएनएस)। ढाका विश्वविद्यालय में महिला छात्रों ने आरोप लगाया कि फुटबॉल वर्ल्ड कप का मैच बड़ी स्क्रीन पर देखने की कोशिश के दौरान उनके साथ बदसलूकी और परेशान किया गया।

‘टाइम्स ऑफ बांग्लादेश’ की रिपोर्ट के अनुसार, कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के छात्र संगठन ‘इस्लामी छात्र शिबिर’ ने ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल स्टूडेंट्स यूनियन (डीयूसीएसयू) चुनाव से पहले खुद को ‘महिलाओं के लिए अनुकूल’ संगठन के रूप में पेश करने की कोशिश की थी। अब उस पर महिलाओं के प्रति भेदभाव और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिससे उसकी बनाई गई छवि और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा फर्क सामने आया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि शिबिर के सदस्यों पर महिला छात्रों को परेशान करने, उन्हें रोकने-टोकने और उनका अपमान करने के आरोप लगे हैं।

ताजा विवाद तब शुरू हुआ, जब संगठन के कुछ नेताओं ने महिलाओं के वर्ल्ड कप मैच देखने का विरोध किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, “इसके विरोध में महिला छात्राएं एकजुट होकर सामने आईं। नॉर्वे-फ्रांस मैच के दौरान शाहिदुल्लाह हॉल मैदान में एक महिला छात्रा के साथ कथित तौर पर बदसलूकी होने के बाद, रविवार को बड़ी संख्या में छात्राएं अर्जेंटीना-जॉर्डन मैच देखने के लिए मैदान में इकट्ठा हुईं। कई शिकायतों के बावजूद संगठन ने अपने स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की।”

2018-19 सत्र के छात्र मुहतसिन बिल्लाह एमोन ने आरोप लगाया कि 26 जून की रात वह और उनके साथी, आधिकारिक रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के बावजूद, कुछ छात्रों ने उन्‍हें और उनके साथि‍यों को मैदान छोड़ने के लिए मजबूर किया।

उन्होंने दावा किया कि उनके साथ मौजूद एक महिला छात्रा को परेशान किया गया। उससे पूछा गया कि वह वहां क्यों आई है और उसे तुरंत वहां से जाने के लिए कहा गया।

रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों में से एक साजू मिया हैं, जो हॉल यूनियन के सोशल सर्विसेज सेक्रेटरी हैं और शिबिर समर्थित पैनल से चुने गए थे।

विवाद बढ़ने के बाद 28 जून की सुबह बड़ी संख्या में महिला छात्राएं शाहिदुल्लाह हॉल मैदान में अर्जेंटीना-जॉर्डन वर्ल्ड कप मैच देखने के लिए एकजुट हुईं। इसके बाद उन्होंने प्रॉक्टर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें तीन प्रमुख मांगें रखी गईं।

इस घटना को लेकर दूसरे छात्र नेताओं ने भी आलोचना की। वाम समर्थित प्रतिरोध परिषद से जुड़ी डीयूसीएसयू की कार्यकारी सदस्य हेमा चकमा ने छात्रसंघ की चुप्पी की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में शामिल लोगों के छात्रसंघ के शीर्ष नेतृत्व से करीबी संबंध हैं, जहां शिबिर समर्थित उम्मीदवारों के पास सबसे अधिक पद हैं।

वहीं, बांग्लादेश छात्र फेडरेशन की विश्वविद्यालय इकाई की उपाध्यक्ष सीमा अख्तर ने इस घटना को महिलाओं पर नियंत्रण की राजनीति का हिस्सा बताया।