जयपुर, 10 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान निकाय चुनावों में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के खिलाफ भाजपा ने बड़ी कार्रवाई की है। भाजपा की ओर से 7 और बागी प्रत्याशियों को पार्टी से निकाल दिया गया है। इन नेताओं को छह वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से हटा दिया गया है।
भाजपा की ओर से ताजा कार्रवाई में अजमेर नगर निगम के पांच बागी और जैतारण व मुंडवा नगर पालिकाओं के एक-एक बागी नेता शामिल हैं। इससे पहले भाजपा ने 7 सितंबर को 41 नेताओं को पार्टी से निकाला था, जिससे अब तक निकाले गए नेताओं की कुल संख्या 48 हो गई है।
भाजपा के प्रदेश महासचिव श्रवण सिंह बगड़ी की ओर से निष्कासन का आदेश जारी करते हुए कहा गया कि ये नेता पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। पार्टी ने इस कदम को अनुशासनहीनता करार दिया और कहा कि यह कार्रवाई प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देशों पर की गई है।
अजमेर नगर निगम से अरुण शर्मा (वार्ड 38), नीतू मिश्रा (वार्ड 41), सीमा गोस्वामी (वार्ड 52), रूबी जैन (वार्ड 74), और धर्मेंद्र सिंह चौहान ‘पंचम’ (वार्ड 75) को छह साल के लिए निष्कासित किया गया है। निष्कासित किए गए कई नेताओं ने पहले पार्टी या चुने हुए पदों पर काम किया है। सीमा गोस्वामी अजमेर शहर महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष हैं, जबकि अरुण शर्मा पूर्व मंडल अध्यक्ष हैं।
जैतारण नगरपालिका के वार्ड 17 से चुनाव लड़ रहे पूर्व पार्षद राकेश सोलंकी को भी पार्टी से निकाल दिया गया है। भाजपा ने किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण मुंडेल के खिलाफ भी कार्रवाई की है; वे नागौर जिले की मुंडवा नगरपालिका के वार्ड 8 से चुनाव लड़ रहे हैं।
भाजपा का कहना है कि पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ना, बागी उम्मीदवार का समर्थन करना या पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ काम करना संगठन-विरोधी गतिविधि और घोर अनुशासनहीनता है। इस ताजा कार्रवाई से पहले, भाजपा ने 41 पदाधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को छह साल के लिए अपनी प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया था।
पिछली सूची में सबसे ज्यादा निष्कासन जयपुर से हुए थे, जहां 26 नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी से हटाया गया था। लगातार निष्कासन आदेश को पार्टी नेतृत्व की उस कोशिश के तहत देखा जा सकता है कि भाजपा राजस्थान निकाय चुनावों के दौरान अनुशासन बनाए रखना चाहती है।
