अमृतसर, 6 मई (आईएएनएस)। अमृतसर के खासा स्थित छावनी क्षेत्र के पास स्थित आर्मी कैंप के बाहर मंगलवार देर रात जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब 10:50 बजे हुए विस्फोट के बाद बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और फोरेंसिक टीमों को घटनास्थल पर तैनात किया गया।
फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने नमूने और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिन्हें विस्फोट की सटीक प्रकृति और कारण का पता लगाने के लिए विश्लेषण हेतु भेजा गया है।
एसपी आदित्य वारियर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हमें रात करीब 10:30 बजे सूचना मिली कि खासा के पास एक धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इसकी पुष्टि के लिए पुलिस और सेना मौके पर पहुंची। बम निरोधक दस्ता भी पहुंच गया है और ऑपरेशन जारी है।”
उन्होंने आगे बताया कि बीडीएस ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया, जबकि फोरेंसिक टीम ने आगे की जांच के लिए सबूत जुटाए। घटना के बाद, सेना ने इलाके की घेराबंदी कर दी और छावनी के निकट होने के कारण घटनास्थल पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है। यह घटनाक्रम शाम को लगभग 8 बजे जालंधर में सीमा सुरक्षा बल के पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के पास हुए एक अन्य विस्फोट की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जो कथित तौर पर एक स्कूटर में आग लगने के कारण हुआ था।
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस विस्फोट के सटीक कारण का पता लगाने के लिए घटना की जांच कर रही है। दुर्घटना में शामिल स्कूटर गुरप्रीत सिंह का था, जो एक कूरियर कंपनी में काम करता है, और पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर रही है।
दोनों ही घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। एक के बाद एक हुए घटनाक्रमों ने राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की आलोचना की।
भाजपा पंजाब के महासचिव परमिंदर सिंह बराड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय के पास हुआ विस्फोट पंजाब में चरमराती कानून व्यवस्था की भयावह याद दिलाता है। भीड़भाड़ वाले इलाके में डिलीवरी स्कूटर में हुए विस्फोट से पता चलता है कि सार्वजनिक स्थान कितने खतरनाक रूप से असुरक्षित हो गए हैं।”

