Sunday, August 2, 2026
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रक्तदान देश की सेवा है, कोई भी फैक्ट्री खून नहीं बना सकती और न ही कोई दौलत इसे पैदा कर सकती है: स्पीकर विजेंद्र गुप्ता

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नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को रोहिणी में आयोजित रक्तदान शिविर में भाग लेने वालों को प्रोत्साहित किया और इस बात पर जोर दिया कि नि:स्वार्थ सेवा राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

रोहिणी के सेक्टर-10 स्थित जापानी पार्क के जेएमडी टेंट में लक्ष्मी तारू फाउंडेशन द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में सभा को संबोधित करते हुए स्पीकर गुप्ता ने कहा, “कोई कारखाना रक्त का उत्पादन नहीं कर सकता और न ही कोई धन इसे उत्पन्न कर सकता है। इसका एकमात्र स्रोत स्वयं मानवता है, इसीलिए रक्तदान राष्ट्र की सबसे बड़ी सेवा है।”

उन्होंने कहा कि ‘एक बूंद देश के लिए’ आदर्श वाक्य के तहत भारतीय सशस्त्र बलों के लिए आयोजित यह कार्यक्रम देश के बहादुर रक्षकों के लिए विशेष महत्व रखता है।

स्पीकर गुप्ता ने कार्यक्रम में उपस्थित सैन्य कर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज दान किया गया रक्त एक दिन देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे किसी सैनिक की जान बचा सकता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना वैश्विक स्तर पर भारत को प्राप्त सम्मान का सर्वोपरि कारण बनी हुई है, जिसने लगातार साहस और दृढ़ संकल्प के साथ हर खतरे को विफल किया है।

इस अभियान का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता विपिन गर्ग ने किया, जिन्हें व्यापक रूप से ‘ब्लड मैन ऑफ दिल्ली’ के रूप में जाना जाता है। उनकी अटूट निष्ठा ने भारत भर के 20 से अधिक राज्यों के 50 से अधिक गैर सरकारी संगठनों और स्वयंसेवकों को एक साथ आने और इस विशाल मानवीय प्रयास का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया।

निर्बाध रूप से रक्त संग्रह और चिकित्सा निगरानी को सुविधाजनक बनाने के लिए इस अभियान ने नौ प्रमुख अस्पतालों के साथ समन्वय किया और इसमें भारतीय सेना के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए समर्पित दान केंद्र शामिल थे।

3,100 यूनिट रक्त एकत्र करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ आयोजित इस शिविर में उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जिसमें शुरुआती घंटों में ही एक हजार से अधिक व्यक्तियों ने रक्तदान किया। कुशल समन्वय ने सुनिश्चित किया कि पूरे दिन दाता प्रबंधन और व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

स्पीकर गुप्ता ने रक्तदान से जुड़ी आम गलतफहमियों को दूर करते हुए जनता से आग्रह किया कि वे झिझक को दूर करेx और नियमित रूप से रक्तदान करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्तदान करने से शरीर कमजोर नहीं होता, क्योंकि शरीर थोड़े समय में स्वाभाविक रूप से स्वयं की भरपाई कर लेता है, और दर्शकों को याद दिलाया कि चिकित्सा विज्ञान स्वस्थ व्यक्तियों को हर तीन महीने में सुरक्षित रूप से रक्तदान करने की अनुमति देता है।

उन्होंने व्यापक जागरूकता की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया ताकि चिकित्सा आपात स्थितियों में परिवारों को उस समय संकोच का सामना न करना पड़े जब जीवन दांव पर लगा हो।