कोलकाता, 21 जुलाई (आईएएनएस)। कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की कृष्णानगर सीट से तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा को पुलिस की सख्त कार्रवाई (गिरफ्तारी सहित) से अंतरिम सुरक्षा दी। उन पर सार्वजनिक रूप से हिंसा भड़काने वाले बयान देने का आरोप है।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने 5 अक्टूबर तक के लिए राहत दी है।
जज ने कहा कि यह सुरक्षा इस शर्त पर है कि मोइत्रा जांच के दौरान पुलिस का पूरा सहयोग करेंगी। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि अगर वह सहयोग करने से इनकार करती हैं तो वे कोर्ट को सूचित करें।
जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि मोइत्रा पर लगे आरोपों में दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की जेल हो सकती है, इसलिए पुलिस जांच जारी रख सकती है लेकिन 5 अक्टूबर तक उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर सकती।
मंगलवार को राज्य सरकार के वकील और एडवोकेट जनरल सुरजीत नाथ मित्रा ने कोर्ट को बताया कि मोइत्रा को चार बार नोटिस भेजे गए थे, लेकिन संसद में अपने व्यस्त कार्यक्रम का हवाला देते हुए वह पूछताछ के लिए पेश नहीं हुईं।
मित्रा ने कोर्ट से कहा, “सांसद को पहले भी बुलाया गया था। नोटिस मिलने के बावजूद वह पेश नहीं हुईं।”
दलीलें सुनने के बाद जस्टिस भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा 5 अक्टूबर तक जारी रहेगी, लेकिन अगर मोइत्रा सहयोग नहीं करती हैं तो राज्य को कोर्ट को सूचित करना होगा।
सुनवाई के दौरान मोइत्रा के वकील ने तर्क दिया कि पुलिस ने उन्हें अंडे से हुए हमले पर उनकी प्रतिक्रिया के संबंध में बुलाया था, इसलिए उन्हें पुलिस से वर्चुअली (ऑनलाइन) बात करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पुलिस स्टेशन में उनके पेश होने के दौरान कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

