Friday, May 22, 2026
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ट्विशा शर्मा केस : सॉफ्टवेयर समस्या के कारण सीसीटीवी ‘2 दिन, 2 घंटे और 20 मिनट पीछे’, छेड़छोड़ नहीं…

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भोपाल, 22 मई (आईएएनएस)। ट्विशा शर्मा की मौत की जांच के बीच सीसीटीवी इंस्टॉलर का बयान सामने आया है। सीसीटीवी इंस्टॉलर विनोद वाणी ने शुक्रवार को दावा किया कि पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के आवास पर लगा सीसीटीवी सिस्टम एक सॉफ्टवेयर समस्या के कारण ‘2 दिन, 2 घंटे और 20 मिनट पीछे’ चल रहा था, न कि किसी छेड़छाड़ के कारण।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए विनोद वाणी ने कहा कि 2023 में, मैंने गिरिबाला सिंह के घर पर आठ कैमरों वाला एक सीसीटीवी सेटअप लगाया था। मुझे 12 मई को हुई घटना के बारे में एक कॉल आया। शुरू में, मुझे घटना के बारे में पता नहीं था, क्योंकि आमतौर पर ऐसे कॉल चोरी या फुटेज निकालने के अनुरोध से संबंधित होते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें 13 मई को गिरिबाला सिंह का फोन आया था, लेकिन उन्होंने बताया कि वह तुरंत वहां नहीं जा पाएंगे। वाणी ने कहा कि पुलिस वहां मौजूद थी, इसलिए मैंने अपने स्टाफ के एक सदस्य, रोहित को सिस्टम की जांच करने के लिए वहां जाने को बोला।

विनोद वाणी ने कहा कि मुझे लगा कि यह लूट या इसी तरह का कोई मामला है। हालांकि, जब रोहित वहां पहुंचा, तो उसने मुझे बताया कि मामला पूरी तरह से अलग है। वाणी ने बताया कि उन्होंने अपने स्टाफ को फुटेज पुलिस को सौंपने के लिए कहा।

वाणी ने आईएएनएस को बताया कि सीसीटीवी सिस्टम ‘2 दिन, 2 घंटे और 20 मिनट’ पीछे चल रहा था। यह कोई छेड़छाड़ नहीं थी। यह एक सॉफ्टवेयर की समस्या थी। अगर सॉफ्टवेयर समय पर अपडेट किया गया होता, तो यह समस्या नहीं होती। रिकॉर्डिंग पूरी है और इसमें लगभग एक टेराबाइट डेटा जमा है।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की ओर से फुटेज और उपकरणों को जब्त करने के बाद, उनसे घर पर एक नया सीसीटीवी सेटअप लगाने के लिए कहा गया। हमने दो दिनों के बाद एक नया सेटअप लगाया ताकि, यदि आवश्यक हो, तो आगे की किसी भी गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

स्टाफ के एक अन्य सदस्य, रोहित विश्वकर्मा ने भी आईएएनएस से ​​बातचीत में बताया कि ट्विशा शर्मा की मृत्यु के बाद विनोद वाणी ने उन्हें रिकॉर्डिंग सिस्टम की जांच करने का निर्देश दिया था। विश्वकर्मा ने कहा कि मुझे विनोद वाणी का फोन आया, उन्होंने मुझे बताया कि जज के घर पर कुछ हुआ है और मुझसे रिकॉर्डिंग की जांच करने के लिए कहा।

रोहित ने आगे कहा कि जब वह वहां पहुंचे, तो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहले से ही घर पर मौजूद थे। उन्होंने मुझसे रिकॉर्डिंग चेक करने को कहा, इसलिए मैंने उन्हें शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक की फुटेज दिखाई। समय में यह गड़बड़ी इसलिए हुई, क्योंकि सिस्टम की सर्विसिंग नहीं हुई थी।