Tuesday, June 16, 2026
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सरकार की विनिवेश प्राप्तियां अप्रैल-जून तिमाही में 15,000 करोड़ रुपए को पार करने का अनुमान

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नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की विनिवेश प्राप्तियां वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में 15,000 करोड़ रुपए से पार निकलने का अनुमान है। इसकी वजह सरकार द्वारा पीएसयू में समय-समय पर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) लाना है।

इससे सरकार की गैर-कर पूंजीगत प्राप्तियां बढ़ेंगी और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण ईंधन और उर्वरकों पर बढ़ी हुई सब्सिडी के बोझ को वहन करने में सरकार को मदद मिलेगी।

एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार ने इस तिमाही में विनिवेश के जरिए पहले ही लगभग 14,000 करोड़ रुपए जुटा लिए हैं। कोल इंडिया, एनएचपीसी, एनएलसी इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में हिस्सेदारी की बिक्री के लिए ओएफएस लाया गया है। बाकी रकम का हिसाब जुड़ने पर यह कुल आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।

सरकार वित्त वर्ष 27 के लिए 80,000 करोड़ रुपए के एसेट मोनेटाइजेशन प्रोग्राम पर काम कर रही है। इस कारण हिस्सेदारी बेचने की रफ्तार तेज हो गई है। इस योजना में आईडीबीआई बैंक में रणनीतिक विनिवेश और आंशिक हिस्सेदारी की बिक्री शामिल है। इसके अलावा, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) समेत चुनिंदा सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी कम करना भी मध्यम अवधि का एक विकल्प बना हुआ है।

इस आंकड़े से पता चलता है कि खर्च का दबाव बढ़ने पर केंद्र सरकार के वित्त को सहारा देने में गैर-कर पूंजी प्राप्तियों की क्या भूमिका है। विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन से ज्यादा कमाई होने पर राजकोषीय बोझ का कुछ हिस्सा कम हो सकता है और सरकार वित्त वर्ष 27 के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने में ज्यादा सक्षम हो सकती है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027 में अब तक गैर-कर पूंजी प्राप्तियों के जरिए 21,732.23 करोड़ रुपS जुटाए हैं। इसमें विनिवेश से मिली रकम का हिस्सा सबसे ज्यादा, यानी 13,389.42 करोड़ रुपए रहा। वहीं, एसेट मॉनेटाइजेशन से 6,366.93 करोड़ रुपए और डिविडेंड से कुल 1,975.88 करोड़ रुपए मिले हैं।