नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के अमृतसर स्थित एक मकान को कुर्क कर लिया। यह कार्रवाई सालाया ड्रग जब्ती मामले के तहत की गई है।
एनआईए की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, अमृतसर के होली सिटी, होली एन्क्लेव फेज-1 स्थित मकान संख्या-33 को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 25(1) के तहत कुर्क किया गया है। एजेंसी ने इस संपत्ति को आतंकवाद से अर्जित संपत्ति करार दिया है।
कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए एनआईए की टीम ने स्वतंत्र गवाहों और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में इस कार्रवाई को अंजाम दिया। जांच एजेंसी के मुताबिक यह संपत्ति आरोपी अंकुश कपूर के पिता के नाम पर दर्ज है। अंकुश कपूर को भारत में सक्रिय उस नार्को-टेरर नेटवर्क का प्रमुख संचालक माना जाता है, जिसके तार इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान समेत कई देशों से जुड़े पाए गए हैं।
एनआईए की जांच में सामने आया कि अंकुश कपूर के संबंध दुबई में बैठे एक आरोपी से थे, जिसका जुड़ाव प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से था। पिछले वर्ष गिरफ्तार किए गए अंकुश की भूमिका मादक पदार्थों की तस्करी, उनके परिवहन, भंडारण और वितरण के साथ-साथ आतंकवाद से जुड़े धन के लेन-देन में भी महत्वपूर्ण पाई गई।
जांच एजेंसी ने खुलासा किया कि मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन का इस्तेमाल भारत में आतंकवादी गतिविधियों को वित्तीय सहायता देने के लिए किया जा रहा था। इसके लिए एक जटिल और संगठित वित्तीय नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा था।
एनआईए इससे पहले अंकुश कपूर के खिलाफ आतंकवादी फंडिंग, आपराधिक साजिश रचने, गैरकानूनी और आतंकी नेटवर्क को सहयोग देने के आरोपों में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज है।
इस मामले में अब तक कुल 26 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है, जबकि मामले की जांच अभी भी जारी है। एनआईए ने कहा कि यह कार्रवाई भारत में आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने वाले वित्तीय और लॉजिस्टिक ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में उसके सतत प्रयासों का हिस्सा है।

