देहरादून, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। देहरादून की विशेष पीएमएलए अदालत ने बीटीसी फंड घोटाले के मुख्य आरोपी हेमंत ईश्वर शर्मा को चार दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हिरासत में भेज दिया है। यह मामला कथित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी की अवैध बिक्री और निवेशकों से धोखाधड़ी से जुड़ा है।
ईडी की देहरादून सब-जोनल ऑफिस ने आरोपी की हिरासत की मांग करते हुए अदालत में पेश किया था। इससे पहले एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत चार ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई राजपुर थाना, देहरादून में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। आरोपी पर एक वेबसाइट के जरिए लोगों को बिटकॉइन में निवेश का झांसा देकर ठगी करने का आरोप है। इसी तरह का एक और मामला उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर थाने में भी दर्ज है।
ईडी जांच में सामने आया कि हेमंत शर्मा ने खुद के नियंत्रण वाली वेबसाइट के जरिए देशभर के लोगों से बड़ी रकम जुटाई। उसने निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का लालच दिया और यह भी दावा किया कि कंपनी से कई विदेशी नागरिक जुड़े हुए हैं, जिससे योजना को विश्वसनीय दिखाया गया।
एजेंसी के अनुसार, निवेशकों से जुटाई गई रकम आरोपी ने अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी और बाद में उससे अपने नाम पर अचल संपत्तियां खरीदीं। इसे मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध माना गया है।
ईडी ने आरोपी की करीब 4.56 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की हैं। इनमें जमीन और बैंक खातों में जमा रकम शामिल है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने जब्त संपत्तियों को बेचने या हस्तांतरित करने की कोशिश की, जो ईडी के आदेशों का उल्लंघन है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

