नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर गुरुवार को सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं के लिए स्कूलों को अधिक सुरक्षित, संवेदनशील और सुविधाजनक बनाने का संकल्प दोहराया।
सरकारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने ‘मेनस्ट्रुअल हेल्थ मैटर्स’ अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों की घोषणा की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित बैठक में सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकारी स्कूलों, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक शौचालयों और आरोग्य मंदिरों में लगाए गए सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनों के नियमित रखरखाव और समय पर रीफिल सुनिश्चित करने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पूरे तंत्र को केंद्रीकृत किया जा रहा है, ताकि दिल्ली की प्रत्येक छात्रा और महिला को उच्च गुणवत्ता वाले बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जा सकें। सरकार सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्ता-परखी सैनिटरी सामग्री उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मासिक धर्म स्वास्थ्य से जुड़ी सही जानकारी हर घर तक पहुंचाने के लिए आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से पूरे दिल्ली में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
स्कूल स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए कक्षा 6 से 9 तक के पाठ्यक्रम में मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा को और अधिक प्रभावी तथा मजबूत बनाया जाएगा।
रेखा गुप्ता ने कहा कि स्कूलों में ऐसा वातावरण तैयार करने की जरूरत है, जहां छात्राएं अपनी समस्याओं को खुलकर साझा कर सकें और मानसिक तनाव से उबरने के लिए आवश्यक सहयोग प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कुछ स्कूलों के शौचालयों की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्कूलों के शौचालय साफ-सुथरे रखे जाएं, टूटे दरवाजों और अन्य क्षतिग्रस्त ढांचों की तत्काल मरम्मत की जाए तथा स्कूल निधि या संबंधित अधिकारियों के समन्वय से समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छात्राओं को मासिक धर्म के अलावा पीसीओएस, एनीमिया, सर्वाइकल कैंसर, रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) और एचपीवी टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य विषयों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। आरोग्य मंदिरों में नियमित स्वास्थ्य सत्र आयोजित होंगे, जहां डॉक्टर और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी महिलाओं और छात्राओं से सीधे संवाद करेंगे।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मासिक धर्म स्वास्थ्य केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं है, बल्कि यह सम्मान, जागरूकता और आत्मविश्वास से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है कि वह स्कूलों में इस विषय पर लगातार जागरूकता अभियान चलाए, क्योंकि लंबे समय तक इस मुद्दे पर सार्वजनिक चर्चा सीमित रही है।

