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दिल्ली में मणिपुरी संगीत शिक्षक हत्या मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

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नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने सितंबर में दक्षिण दिल्ली के किलोकारी इलाके में 54 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार और संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की कथित रूप से भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के मामले में सात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।

यह आरोप पत्र साकेत न्यायालय में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र), 103(2) (सामूहिक हत्या), 103(1) (हत्या), और 332(ए) (अपराध करने के इरादे से घर में घुसपैठ) के तहत दाखिल किया गया है।

यह मामला विक्रम सिंह पर हुए हमले से संबंधित है, जिनकी 7 सितंबर को सनलाइट कॉलोनी थाना क्षेत्र के होली फैमिली अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।

पीड़ित के बेटे याइफाबा द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, वह रात करीब 11:30 बजे अपने परिवार के साथ घर पर थे। 6 सितंबर को जब उसने अपने पिता को घर के बाहर चिल्लाते हुए सुना, तब उसे यह सूचना मिली।

दरवाजा खोलने पर उसने कथित तौर पर चार-पांच युवकों को अपने पिता को लात-घूंसे मारते देखा। उसने शोर मचाया, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने उनके चेहरे देखे हैं और वह उनकी पहचान कर सकता है।

एफआईआर में कहा गया है कि याइफाबा बाद में अपनी मां जोचिया और पड़ोसी राडो के साथ अपने पिता को टैक्सी से होली फैमिली अस्पताल ले गया।

रास्ते में विक्रम सिंह ने अपने बेटे को बताया कि उन पर हमला करने वाले युवक उनके घर के सामने स्थित ढाबे से आए थे। उन्होंने यह भी बताया कि ढाबे के पास हो रहे शोर और उपद्रव पर आपत्ति जताने के बाद उनमें से कुछ ने उन्हें पहले भी धमकी दी थी।

बाद में संगीतकार टैक्सी के अंदर बेहोश हो गए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

मणिपुर के गिटार वादक और संगीत शिक्षक विक्रम सिंह कथित तौर पर लगभग सात से आठ वर्षों से काम से दूर थे और ज्यादातर घर पर ही रहते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, बेटा और माता-पिता हैं।

बाद में उनके पार्थिव शरीर को इम्फाल ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।

इस हत्या की व्यापक निंदा हुई है, और मणिपुर स्टूडेंट्स एसोसिएशन दिल्ली (एमएसएडी) सहित कई संगठनों और व्यक्तियों ने संभावित नस्लीय मकसद पर चिंता व्यक्त की है और गहन जांच की मांग की है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने भी अपनी दिल्ली समकक्ष रेखा गुप्ता से कथित हत्या की उच्च स्तरीय जांच में तेजी लाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया था।

दिल्ली की मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में उन्होंने सुझाव दिया था कि यदि परिस्थितियां आवश्यक हों, तो मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी किसी स्वतंत्र विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपने की संभावना तलाशी जाए ताकि जांच में जनता का विश्वास मजबूत हो सके।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इससे पहले कहा था कि उन्होंने दिल्ली पुलिस से बात की है, जिसने उन्हें आश्वासन दिया है कि दो सप्ताह के भीतर मामले में एक मजबूत आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने संगीतकार की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया और इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर के लोगों के साथ-साथ प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने भी 10 सितंबर को इम्फाल पश्चिम स्थित दिवंगत संगीतकार के आवास का दौरा किया और उनके माता-पिता, पत्नी और बेटे से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को आश्वासन दिया कि न्याय मिलेगा, हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दी जाएगी और राज्य सरकार हर संभव सहायता और समर्थन प्रदान करेगी।