बर्लिन, 27 मई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर बुधवार को यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में भाग लेने के लिए साइप्रस रवाना हुए।
निकोसिया जाते समय फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर जर्मनी में भारत के राजदूत अजित गुप्ते ने उनका स्वागत किया। इस दौरान राजदूत ने भारत-जर्मनी संबंधों पर विदेश मंत्री को जानकारी दी और दोनों देशों के रणनीतिक साझेदारी संबंधों को और मजबूत करने के लिए उनका मार्गदर्शन मांगा।
जर्मनी स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “माननीय विदेश मंत्री का फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर राजदूत अजीत गुप्ते ने स्वागत किया। साइप्रस में होने वाली ईयू विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए रवाना होने से पहले राजदूत ने भारत-जर्मनी संबंधों की जानकारी दी और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए मार्गदर्शन मांगा।”
विदेश मंत्री एस. जयशंकर को 27 और 28 मई को साइप्रस के लिमासोल में आयोजित होने वाली यूरोपीय संघ की अनौपचारिक विदेश मामलों की मंत्रिस्तरीय बैठक ‘जिमनिख’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस और यूरोपीय संघ की विदेश एवं सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि काजा कैलास करेंगी।
साइप्रस सरकार के अनुसार, इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद को भी आमंत्रित किया गया है।
बुधवार शाम साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस विदेशी मंत्रियों के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन करेंगे, जिसमें यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा भी शामिल होंगे।
28 मई को लिमासोल पोर्ट पर होने वाली इस अनौपचारिक बैठक में विदेश मंत्री यूक्रेन युद्ध समेत विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, सुरक्षा और रक्षा से जुड़े रणनीतिक विषयों तथा नई यूरोपीय सुरक्षा रणनीति की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
इससे पहले 17 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की थी और भारत-यूरोप संबंधों की संभावनाओं पर सहमति जताई थी, खासकर भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के संदर्भ में।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा था, “गोटेबर्ग में राष्ट्रपति उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मिलकर खुशी हुई। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के बाद भारत-यूरोप संबंधों में अपार संभावनाओं पर मैं पूरी तरह सहमत हूं।”
वहीं, उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाला समझौता दोनों पक्षों के संबंधों में नए युग की शुरुआत करेगा और इसके लाभ लोगों तथा कारोबार तक जल्द पहुंचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

