Wednesday, August 19, 2026
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एनटीए के कामकाज की समीक्षा की, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे ठीक करने का निर्देश

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नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के कामकाज की समीक्षा के लिए एक बैठक की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए जरूरी सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी सुविधाएं सुनिश्चित करें। यह निर्देश हाल ही में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन-नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (यूजीसी-नेट) की तीन परीक्षाओं के रद्द होने के बाद दिया गया है, क्योंकि प्रश्न-पत्रों में गड़बड़ियां पाई गई थीं।

यूजीसी-नेट परीक्षा विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर नियुक्ति, पीएचडी कोर्स में एडमिशन और जूनियर रिसर्च फेलोशिप देने के लिए योग्यता तय करने के लिए आयोजित की जाती है।

इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के लिए यूजीसी-नेट परीक्षाओं के क्वेश्चन पेपर में कई गलतियां और गड़बड़ियां मिलने के बाद उन्हें रद्द करने को लेकर एनटीए की कड़ी आलोचना हुई।

इस मामले ने जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं और कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं के आयोजन को लेकर पहले से हो रही आलोचना को और बढ़ा दिया है।

इंग्लिश और कॉमर्स की दोबारा परीक्षाएं 9 सितंबर को होंगी, जबकि सोशियोलॉजी के लिए तय तारीख 10 सितंबर है।

केंद्रीय मंत्री के निर्देशों के बाद, एनटीए के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी। इनमें परीक्षा टीम में बड़ा बदलाव शामिल है, जिसके तहत 600 एक्सपर्ट्स को हटाया गया है और नए एक्सपर्ट्स को शामिल किया गया है।

इसके अलावा, परीक्षा पेपर की जांच को और मजबूत करने के लिए चार-स्तरीय क्वेश्चन पेपर चेकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। साथ ही, अगले दो से तीन हफ्तों में 20-25 अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।

मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि आगे और लोगों को शामिल करने की योजना की भी समीक्षा की गई।

बयान में यह भी कहा गया कि एनटीए के ऑफिस को युद्धस्तर पर नई जगह पर शिफ्ट किया जाएगा, जहां सीआईएसएफ टीमों के साथ सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।

यह विवाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने और उसके बाद बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन के कारण उसे रद्द किए जाने के बाद हुआ है।

देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों के कारण आखिरकार तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।

मौजूदा मंत्री ने एनटीए को पहले ही निर्देश दे दिया है कि वह अपने गोपनीय कामकाज के ढांचे में बड़ा बदलाव करे और युद्धस्तर पर अपने परीक्षा सिस्टम का ऑडिट करे।

सिस्टम की कमियों को दूर करने के लिए किए गए बड़े बदलाव के तहत पहले ही 50 से ज्यादा स्टाफ सदस्यों को हटाया जा चुका है।

एजेंसी साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स और क्वेश्चन-पेपर डिजाइन के लिए प्राइवेट सेक्टर से डोमेन एक्सपर्ट्स को भी हायर कर रही है।